तृणमूल कांग्रेस के सांसद निर्वाचन आयोग पहुंचे, बंगाल चुनाव में उसकी ‘कमियों’ से किया रेखांकित

By भाषा | Updated: April 14, 2021 21:05 IST2021-04-14T21:05:14+5:302021-04-14T21:05:14+5:30

Trinamool Congress MPs reach Election Commission, underscored its 'shortcomings' in Bengal election | तृणमूल कांग्रेस के सांसद निर्वाचन आयोग पहुंचे, बंगाल चुनाव में उसकी ‘कमियों’ से किया रेखांकित

तृणमूल कांग्रेस के सांसद निर्वाचन आयोग पहुंचे, बंगाल चुनाव में उसकी ‘कमियों’ से किया रेखांकित

नयी दिल्ली, 14 अप्रैल निर्वाचन आयोग की आलोचना को तेज करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उसके अधिकारियों से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा जिसमें पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान शीर्ष चुनाव निकाय की कमियों को लेकर आरोप लगाए गए हैं।

इसमें कहा गया कि पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान टीएमसी और भाजपा के प्रति रवैये को लेकर पार्टी निर्वाचन आयोग के “निंदनीय” रुख को संज्ञान में ला रही है।

टीएमसी ने घटनाओं को तीन श्रेणियों में सूचीबद्ध किया है - निर्वाचन आयोग द्वारा कार्रवाई न किया जाना, निर्वाचन आयोग द्वारा कम कार्रवाई करना और निर्वाचन आयोग द्वारा ज्यादा कार्रवाई किया जाना।

पहली श्रेणी में पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों को सूचीबद्ध करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने ऐसे बयान दिये जो आदर्श आचार संहिता के साथ ही जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 का “उल्लंघन” थे।

पार्टी ने इन भाषणों के यू-ट्यूब लिंक भी आयोग को उपलब्ध कराए हैं।

ज्ञापन में कहा गया, “भारत निर्वाचन आयोग का दावा है कि वह भाषणों की निगरानी करता है। हालांकि, उसने ऐसे गंभीर उल्लंघनों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उपरोक्त सबके लिये, श्री नरेंद्र मोदी और श्री अमित शाह को बचे हुए चरणों में प्रचार के लिये प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।”

टीएमसी ने यह भी आरोप लगाया कि आचार संहिता का उल्लंघन करने के साथ ही ये भाषण “अनुचित” और “महिलाओं के प्रति असम्मानपूर्ण” थे।

“आयोग द्वारा कम कार्रवाई” की श्रेणी में पार्टी ने भाजपा के मध्यम और निचले स्तर के कई नेताओं का जिक्र किया जिन्होंने सांप्रदायिक तर्ज पर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की।

इसमें कहा गया, “आयोग को अवगत कराए जाने/यह संज्ञान में लाए जाने कि किस आधार पर ये भाषण आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हैं के बावजूद, आयोग ने पर्याप्त कदम/या कोई भी कदम उठाने से इनकार कर दिया, यद्यपि ऐसे सभी मामलों में प्रचार पर प्रतिबंध लगना चाहिए।”

तीसरी श्रेणी “जरुरत से ज्यादा कार्रवाई” में पार्टी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के प्रचार करने पर लगाई गई 24 घंटे की रोक का जिक्र किया।

इसमें कहा गया, “ऐसा कृत्य दुर्भावनापूर्ण हैं, जिसे लागू करने में दिमाग का इस्तेमाल नहीं किया गया और यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। निर्वाचन आयोग की स्थापना संविधान के तहत स्वतंत्र निकाय के तौर पर हुई थी जो देश में आम चुनाव कराता और उनकी निगरानी करता। तटस्थता उसके दायित्वों के निर्वहन की अनिवार्य शर्त है लेकिन विधानसभा चुनावों के दौरान ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आयोग पक्षपात पूर्ण तरीके से पूरी तरह भाजपा और/या उसके निर्देश पर काम कर रहा है, जिसकी घोषणा भाजपा ने पूर्व में की हो।”

निर्वाचन आयोग से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सांसद डेरेक ओब्रायन, कल्याण बनर्जी, प्रतिमा मंडल और शांतनु सेन शामिल थे।

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Web Title: Trinamool Congress MPs reach Election Commission, underscored its 'shortcomings' in Bengal election

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