लाइव न्यूज़ :

दिल्ली के 15 अस्पतालों में चल रहा है ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज : जैन

By भाषा | Updated: May 22, 2021 16:59 IST

Open in App

नयी दिल्ली 22 मई राष्ट्रीय राजधानी में ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने शनिवार को कहा कि दिल्ली के करीब 15 अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज चल रहा है।

जैन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवा नहीं लें, विशेष रूप से स्टेरॉयड लेने से बचें।

जैन ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कमी है।

उन्होंने बताया कि बुधवार रात तक राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 197 मामले थे जिनका इलाज चल रहा है। इसमें ऐसे लोग भी हैं जो इलाज कराने के लिए दिल्ली के बाहर से आए हैं।

दरअसल,ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) फफूंदी संक्रमण वाली एक ऐसी बीमारी है जो कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों में सामने आ रही है। इससे संक्रमित व्यक्ति की नाक, आंख और साइनस प्रभावित हो रही है। इससे ऐसे लोगों को अधिक खतरा है जिनका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर है और वे किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।

जैन ने कहा,‘‘ इससे पहले आम तौर पर एक साल में ब्लैक फंगस के 30 से 50 मामले सामने आते थे, लेकिन इस बार यह संख्या काफी अधिक है। इस बार यह संक्रमण कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों में सामने आ रहा है, इसलिए हमें अधिक सतर्क होने की जरुरत है और ऐसे लोगों का पता लगाना होगा जो कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे विशेष रूप से जिन्हें इलाज के दौरान स्टेरॉयड दिए गए। ब्लैक फंगस से संक्रमित होने वालों में ऐसे लोग अधिक हैं जिनका शर्करा स्तर स्थिर नहीं रहता है।’’

जैन ने कहा, ‘‘ राजधानी में करीब आठ से 10 निजी अस्पताल ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली सरकार के तीन अस्पताल और केन्द्र सरकार द्वारा संचालित एम्स तथा सफदरजंग अस्पताल में भी ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज हो रहा है। इस तरह से दिल्ली में करीब 15-16 अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज हो रहा है।’’

भविष्य में ब्लैक फंगस के मामले बढ़ने के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली में इस बार बड़ी संख्या में लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जिनमें से कई लोगों को इलाज के दौरान स्टेरॉयड दिए गए इसलिए हमें अधिक सतर्क रहने की जरुरत है।

जैन ने कहा, ‘‘ मैं लोगों से विशेष रूप से आग्रह करता हूं कि बिना किसी चिकित्सक के सलाह स्टेरॉड और दवाई नहीं लें। ऐसे सामने आया है कि कई लोग चिकित्सक की सलाह के बिना ही घर पर स्टेरॉयड ले रहे हैं। मैं लोगों को ऐसा नहीं करने की सलाह देता हूं।’’

ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को कहा था कि शहर के तीन सरकारी अस्पतालों एलएनजेपी अस्पताल, जीटीबी अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में ब्लैक फंगस के मामलों के इलाज के लिए समर्पित केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा एम्फोटेरिसीन बी की कमी के सवाल पर जैन ने कहा कि दिल्ली ही नहीं पूरे देश में इस दवा की कमी है।

उन्होंने कहा, ‘‘ इस दवा को लेकर हमने कई दवा कंपनियों से बात की है और वे इसकी आपूर्ति को लेकर सहमत भी हो गईं हैं, लेकिन केन्द्र सरकार ने दवा के वितरण वाली प्रक्रिया को अपने अधिकार क्षेत्र में रखा है। इसलिए तय कोटा के मुताबिक ही राज्यों को इसकी आपूर्ति होगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

पूजा पाठPanchang 06 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 06 April 2026: आज इन 4 राशिवालों को होगा चौतरफा लाभ, नौकरी-व्यापार में होगी तरक्की

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

क्राइम अलर्टशिक्षा संस्थाओं में भी अंधविश्वास का घेरा! 

भारत अधिक खबरें

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं