10 जिला और 40 अधिकारी, परिवहन पदाधिकारी को कारण बताओ नोटिस?, आखिर क्या है कारण
By एस पी सिन्हा | Updated: February 26, 2026 16:41 IST2026-02-26T16:38:49+5:302026-02-26T16:41:36+5:30
जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ), अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (एडीटीओ), मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) एवं प्रवर्तन अवर निरीक्षक सहित कुल 40 पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

सांकेतिक फोटो
पटनाः बिहार में परिवहन विभाग ने लक्ष्य पूरा न करने वाले 10 जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) समेत कुल 40 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल, विभागीय समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में लक्ष्य की तुलना में राजस्व संग्रहण में गंभीर शिथिलता बरती गई है। इसी के मद्देनज़र राज्य के विभिन्न जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ), अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (एडीटीओ), मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) एवं प्रवर्तन अवर निरीक्षक सहित कुल 40 पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
संबंधित पदाधिकारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। बताया जाता है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रपत्र ‘क’ गठित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। विभाग का कहना है कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करना जिला स्तरीय पदाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लक्ष्य के विरुद्ध कम उपलब्धि प्रशासनिक शिथिलता को दर्शाती है।
साथ ही सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि विशेष अभियान चलाकर शेष अवधि में राजस्व संग्रहण में तेजी लाई जाए और लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। परिवहन विभाग की मानें तो निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करना सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लक्ष्य के विरुद्ध कम उपलब्धि गंभीर प्रशासनिक शिथिलता को दर्शाती है।
जवाब संतोषजनक नहीं होने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी जिलों को निर्देश दिया है कि विशेष अभियान चलाकर शेष अवधि में राजस्व संग्रहण में तेजी लाई जाए तथा लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। जिला परिवहन पदाधिकारी- भागलपुर, छपरा , मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पटना,सीतामढ़ी, किशनगंज, अरवल, रोहतास, समस्तीपुर।
अपर जिला परिवहन पदाधिकारी- किशनगंज, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भोजपुर,सीवान, मोतिहारी। मोटर वाहन निरीक्षक- मुजफ्फरपुर, बेतिया, नवादा, मोतिहारी, मधुबनी,मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पटना, गया। जबकि प्रवर्तन अवर निरीक्षक- भोजपुर, नवादा,मधेपुरा, लखीसराय, सुपौल, मधुबनी, बेतिया,बक्सर, मुजफ्फरपुर को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत गया है कि राजस्व लक्ष्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि वह अब ‘बहानेबाजी’ सुनने के मूड में नहीं है। अधिकारियों के प्रमोशन से लेकर इंक्रीमेंट तक पर रोक लग सकती है और भविष्य में उनकी पोस्टिंग पर भी काले बादल मंडरा सकते हैं।