लाइव न्यूज़ :

तोक्यो ने पैरालंपियन निशानेबाज के लिए ‘अतिरिक्त स्लॉट’ देने से किया इनकार, न्यायालय को बताया गया

By भाषा | Updated: August 3, 2021 14:23 IST

Open in App

नयी दिल्ली, तीन अगस्त उच्चतम न्यायालय को मंगलवार को बताया गया कि पैरालंपियन निशानेबाज नरेश कुमार शर्मा को “अतिरिक्त स्थान (स्लॉट) आवंटित करने से तोक्यो ने इनकार” कर दिया है। उच्चतम न्यायालय ने भारतीय पैरालंपिक्स समिति (पीसीआई) को निर्देश दिया था कि वह जापान में होने वाले आगामी पैरालंपिक्स में निशानेबाज को अतिरिक्त प्रतिभागी के तौर पर शामिल करे।

उच्चतम न्यायालय ने शर्मा को इस बात की छूट भी दी थी कि वह दिल्ली उच्च न्यायालय से अनुरोध करे कि एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ लंबित उसकी याचिका पर जल्द सुनवाई करें। एकल न्यायाधीश ने अपने आदेश में तोक्यो पैरालंपिक्स में चयन न होने को लेकर हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था। तोक्यो पैरालंपिक्स 24 अगस्त से शुरू हो रहे हैं।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने यह आदेश पारित किया। इससे पहले शर्मा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि यह एक अलग मामला है क्योंकि याचिकाकर्ता को “तोक्यो ने अतिरिक्त स्लॉट आवंटित करने से इनकार कर दिया है” क्योंकि दस स्थान थे - आठ पुरुषों के लिये और दो महिला प्रतिभागियों के लिये।

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को पीसीआई को आदेश दिया था कि वह अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पांच बार के पैरालंपियन निशानेबाज शर्मा का नाम आगामी तोक्यो खेलों के लिये अतिरिक्त प्रतिभागी के तौर पर तत्काल शामिल करे।

सिंह ने मंगलवार को शुरुआत में ही पीठ को बताया कि शर्मा की अपील दिल्ली उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ के समक्ष लंबित है जिस पर बुधवार को सुनवाई हो सकती है और यह निर्धारित हो सकता है कि शर्मा या दूसरे खिलाड़ी में से कौन जाएगा।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय यह भी फैसला कर सकता है कि क्या शर्मा एक आरक्षित खिलाड़ी के तौर पर पैरालंपिक्स में जा सकते हैं।

खिलाड़ियों के पहले से ही कोविड के मद्देनजर सुरक्षा घेरे में होने के संदर्भ में सिंह ने कहा, “वहां पहुंचने के बाद 35 लोग जांच में संक्रमित पाए जा चुके हैं।”

पीठ ने अपने आदेश में कहा, “इसी के मुताबिक, हम विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को निस्तारित करते हुए याचिकाकर्ता को यह छूट देते हैं कि वह उच्च न्यायालय की खंडपीठ से संपर्क कर सकता है और याचिका पर शीघ्र सुनवाई के लिये अनुरोध कर सकता है।”

उच्चतम न्यायालय शर्मा की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें पैरालिंपियन निशानेबाज ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 30 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें तोक्यो खेलों के लिए उनका चयन नहीं करने के खिलाफ याचिका पर उसने सुनवाई के लिए छह अगस्त की तारीख तय की थी।

उच्चतम न्यायालय में दायर अपनी याचिका में शर्मा ने कहा था कि तोक्यो पैरालंपिक्स में निशानेबाजी के लिये चयन की अंतिम तारीख दो अगस्त है और उच्च न्यायालय इस मामले में छह अगस्त को सुनवाई करेगा। ऐसी स्थिति में चयन के लिए दायर उनकी याचिका का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठRashifal 06 April 2026: आज इन 4 राशिवालों को होगा चौतरफा लाभ, नौकरी-व्यापार में होगी तरक्की

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

क्राइम अलर्टशिक्षा संस्थाओं में भी अंधविश्वास का घेरा! 

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

कारोबारअमेरिका-इजराइल और ईरान जंगः मरघट के चौकीदारों की नकेल कसिए!

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया