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पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का 86 साल की उम्र में निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: November 11, 2019 01:13 IST

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन रविवार को निधन हो गया. वह 86 वर्ष के थे। उन्हें चुनाव नियमों को सख्ती से लागू करने और उनके कड़े रुख के लिए जाना जाता था।

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ठळक मुद्देपूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का रविवार को निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने शेषन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की।

भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का रविवार (10 नवंबर) को निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे। उनका निधन चेन्नई में हुआ। उन्हें उनके कड़े रुख और चुनाव नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए जाना जाता था। उनका पूरा नाम थिरुनेल्लई नारायण अय्यर शेषन था। वह तमिलनाडु कैडर के 1955 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (आईएएस) थे, जिन्हें भारत में चुनाव सुधारों के लिए याद किया जाता रहेगा। 

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने शेषन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ''यह घोषणा करते हुए दुख हो रहा है कि श्री टीएन शेषन (पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त) का कुछ ही देर पहले निधन हो गया। वह अपने सभी उत्तराधिकारियों के लिए एक सच्चे आदर्शवादी और मार्गदर्शक थे। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।''

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएन शेषन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ''श्री टीएन शेषन एक उत्कृष्ट सिविल सेवक थे। उन्होंने अत्यंत परिश्रम और निष्ठा के साथ भारत की सेवा की। चुनावी सुधारों के प्रति उनके प्रयासों ने हमारे लोकतंत्र को मजबूत और अधिक सहभागी बनाया है। उनके निधन से पीड़ा हुई। ओअम् शांति।''

 

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व चुनाव आयुक्त का स्वास्थ्य पिछले कुछ वर्ष से ठीक नहीं था। दिल का दौरा पड़ने से रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे उनका निधन हो गया।

अपनी स्पष्टवादिता के लिए प्रसिद्ध शेषन बढ़ती उम्र के कारण पिछले कुछ वर्ष से सिर्फ अपने आवास पर रह रहते थे। उनका बाहर आना-जाना लगभग ना के बराबर हो गया था।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट किया, ‘‘चन्नेई में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन के निधन की सूचना से शोक संतप्त हूं। वह विक्टोरिया कॉलेज, पलक्कड़ में मेरे पिता के सहपाठी थे। वह साहसी बॉस थे जिसने चुनाव आयोग की स्वायत्ता को स्थापित किया।’’

(पीटीआई-भाषा इनपुट के साथ)

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