दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में शनिवार को पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प में कइयों को घायल होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई से स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने की अपील की है।
इस मामले में रविवार को सुप्रीम कोर्ट के एडवोटेकेट्स ऑन रिकॉर्ड्स असोसिएशन ने रविवार को हुई इस घटना को लेकर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को लिखे खत में उनसे स्वत: संज्ञान लेने का निवेदन किया।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में केंद्र को जारी किया नोटिस
इससे पहले तीस हजारी कोर्ट में हुए इस झड़प के मुद्दे पर सुनवाई शुरू करने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र, नगर पुलिस प्रमुख, मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सुनवाई शुरू करते ही संबंधित पुलिस अधिकारियों को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया।
महापंजीयक (आरजी) दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि घटना को लेकर मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने दोपहर बाद दिन में एक बजे कार्यवाही शुरू की। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों ने सुबह बंद कमरे में बैठक की।
सभी दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिये उच्च न्यायालय समूचे मामले पर करीब से नजर बनाये हुए है।
तीसरी हजारी कोर्ट में हुई थी पुलिस-वकीलों की भिड़ंत
अधिकारियों और चश्मदीदों के अनुसार तीस हजारी अदालत परिसर में शनिवार दोपहर वकीलों और पुलिस के बीच झड़प हो गयी जिसमें 10 पुलिसकर्मी और कई वकील घायल हो गये जबकि 17 वाहनों में तोड़फोड़ की गयी।
वकीलों का दावा है कि उनके चार सहकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें एक वकील पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ है। वहीं, पुलिस ने गोलीबारी के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस ने कहा कि घायल पुलिसकर्मियों में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी जिला) हरेंद्र कुमार, कोतवाली एवं सिविल लाइंस के थाना प्रभारी और पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) का ऑपरेटर शामिल हैं।
(PTI इनपुट्स के साथ)