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अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से तीन और लोगों की मौत

By भाषा | Updated: June 4, 2021 23:17 IST

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अलीगढ़ (उप्र) चार जून अलीगढ़ जिले में नहर में फेंकी गई कथित जहरीली शराब पीने के कारण तीन और लोगों की मौत होने से एक गांव में मृतकों की संख्या नौ हो गई है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अलीगढ़ के मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी (सीएमओ) भानु प्रताप कल्याणी ने पुष्टि की कि बृहस्पतिवार से अब तक रोहेरा गांव में जहरीली शराब का सेवन करने वाले नौ लोगों के शवों के पोस्टमार्टम किये जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि पीड़ितों का उपचार मुख्य रूप से जवाहर नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और कुछ निजी अस्पतालों में किया जा रहा है। कल्याणी के मुताबिक एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाले कई मरीज अब भी अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पुलिस के अनुसार शुक्रवार की सुबह अकबराबाद थाना क्षेत्र के कोड़ियागंज में एक अन्‍य ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर की कथित तौर पर नकली शराब पीने से मौत हो गई।

जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के मुख्‍य चिकित्‍सा अधीक्षक डॉक्टर हारिस मंजूर ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘इस अस्पताल में बुधवार रात से बृहस्पतिवार शाम तक 32 लोग भर्ती हुए जिनमें सात की शुक्रवार सुबह तक मौत हो गई और 25 का उपचार अभी भी चल रहा है, जिनमें कई की हालत अभी भी गंभीर है।’’

सीएमओ कल्‍याणी ने पत्रकारों को बताया कि 28 मई को जहरीली शराब पीने से मौत का मामला आने के बाद से अब तक कुल 98 शवों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन उन सभी 98 लोगों की मौत के कारणों की पुष्टि के लिए बिसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। प्रशासन ने 28 मई की जहरीली शराब की घटना से अब तक 35 लोगों की मौत की पुष्टि की है।

दो जून को रोहेरा गांव में हुई जहरीली शराब की घटना में महिलाओं समेत सभी पीड़ित बिहार के प्रवासी मजदूर हैं और यहां एक स्‍थानीय ईंट भट्ठे पर काम करते हैं और अस्थायी तौर पर झोपड़ियों में रहते हैं। हादसे के बाद बृहस्पतिवार को जब मीडियाकर्मी वहां पहुंचे तो एक दर्जन से अधिक बच्चे भूखे प्‍यासे मिले जिनके माता-पिता अस्पतालों में भर्ती थे। यह मामला संज्ञान में आते ही स्थानीय विधायक दलवीर सिंह ने तुरंत बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया था कि बुधवार रात जवां थाना क्षेत्र के रोहेरा गांव के पास एक नहर में फेंकी गई मिलावटी शराब पीने से बड़ी संख्या में ईंट भट्ठा श्रमिक बीमार हो गए।

इससे पहले 28 मई को अवैध शराब के सेवन से कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई थी। नैथानी ने शुक्रवार को बताया कि जिला पुलिस ने 28 मई की घटना के प्रमुख आरोपी शराब माफिया सरगना ऋषि शर्मा को पकड़ने के लिए अपनी तलाश तेज कर दी है और शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए 50,000 रुपये से इनाम बढ़ाकर 75,000 कर दिया है।

पिछले छह दिनों के दौरान दर्ज 13 अलग-अलग मामलों में ऋषि शर्मा गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है।

एसएसपी ने कहा कि शर्मा के परिवार के पांच करीबी सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें शर्मा की पत्नी, बेटा, भाई मुनीश और कपिल शर्मा और उसका भतीजे आकाश है।

उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 16 अलग-अलग मामलों में कुल 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नैथानी ने कहा कि जिले से 148 पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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