लाइव न्यूज़ :

अमिताभ ठाकुर समेत तीन आईपीएस अधिकारियों को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही सरकार ने किया सेवानिवृत्त

By भाषा | Updated: March 23, 2021 20:23 IST

Open in App

लखनऊ, 23 मार्च भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) उत्तर प्रदेश कैडर के तीन अधिकारियों को सेवा पूरी होने से पहले ही 'लोकहित' में सेवानिवृत्त (रिटायर) किये जाने का फैसला किया है।

सेवानिवृत्त किये गये 1992 बैच के एक आईपीएस अधिकारी (संयुक्त निदेशक सिविल डिफेंस) अमिताभ ठाकुर ने मंगलवार को खुद ही उत्‍तर प्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश की प्रति ट्वीट करते हुए यह जानकारी दी। ट्वीट में संलग्‍न उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्‍य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्‍थी के आदेश के मुताबिक गृह मंत्रालय, भारत सरकार के 17 मार्च के आदेश के द्वारा 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को 'लोकहित' में सेवा में बनाये रखने के उपयुक्‍त नहीं पाते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा पूर्ण होने से पहले सेवानिवृत्त किये जाने का निर्णय लिया गया है।

ठाकुर ने अपने ट्वीट में कहा, ''मुझे अभी-अभी लोकहित में सेवानिवृत्ति का आदेश प्राप्त हुआ, सरकार को अब मेरी सेवाएं नहीं चाहिए, जयहिंद।'' ठाकुर समय-समय पर सरकार के फैसलों की आलोचना करते रहे हैं।

सोमवार को ठाकुर ने एक ट्वीट में कहा था, ''मुझे साथियों ने लखनऊ पुलिस की एक महिला अफसर की दबंग घूसखोरी की कई चर्चित कहानियां सुनाई हैं। लगता है इस शाविका ने ''मिशन शक्ति'' का गलत अर्थ समझ लिया है।''

ठाकुर ने 23 नवंबर, 2016 को गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर अपना कैडर बदलने की मांग करते हुए आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी उनके साथ कट्टर शत्रु जैसा व्यवहार कर रहे हैं।

यह दूसरी बार था जब 1992 बैच के इस अधिकारी ने इस संबंध में केंद्र को लिखा। उन्होंने इससे पहले भी अपनी जान को खतरा बताते हुए कैडर बदलने के लिए मंत्रालय को एक आवेदन भेजा था।

केंद्र को लिखे पत्र में आईपीएस अधिकारी ने कहा था कि स्थिति दिन-प्रतिदिन "बिगड़ती" जा रही है। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में काम करने में असमर्थता व्यक्त जताते हुए उन्हें राज्य से बाहर भेजने की मांग की थी।

केंद्र ने जनवरी 2017 में ठाकुर के कैडर बदलने के अनुरोध को ठुकरा दिया था।

ठाकुर को 13 जुलाई, 2015 को निलंबित कर दिया गया था, जब उन्होंने समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पर धमकी देने का आरोप लगाया था। उन्होंने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की थी जिसमें कथित तौर पर सपा प्रमुख ने उन्हें धमकी दी थी।

इसके बाद, राज्य सरकार ने उनके खिलाफ सतर्कता जांच शुरू की थी। हालांकि, अप्रैल में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की लखनऊ पीठ ने ठाकुर के निलंबन को रोक दिया और 11 अक्टूबर, 2015 से पूरे वेतन के साथ उनकी बहाली का आदेश दिया।

ठाकुर को 17 मई, 2018 को संयुक्त निदेशक नागरिक सुरक्षा के रूप में तैनात किया गया था।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक अमिताभ ठाकुर के अलावा 2002 बैच के एक पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) और 2005 बैच के एक पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भी सेवा पूर्ण होने से पहले सेवानिवृत्त किये जाने का निर्णय लिया गया है। अवनीश कुमार अवस्‍थी ने इस सूचना की पुष्टि की है।

उल्लेखनीय है कि सीधी सेवा के 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का कार्यकाल अभी जून, 2028 तक बचा है जबकि राज्‍य पुलिस सेवा से प्रोन्नत होकर आईपीएस बने अन्‍य दोनों अधिकारियों का कार्यकाल क्रमश : जून 2023 और अप्रैल 2024 तक है। इन अधिकारियों के खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

क्रिकेटKKR का खाता खुला, PBKS टॉप पर, मैच रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

क्रिकेटKKR vs PBKS: ईडन गार्डन्स में आउटफील्ड गीली होने के कारण मैच रद्द, दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला

ज़रा हटकेVIDEO: हाईवे पर खतरनाक टावर गिरा, मौके पर प्रशासन मौजूद

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारत अधिक खबरें

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos