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दुनियाभर में हथियारों की बिक्री के मामले में तीन भारतीय कंपनियां शीर्ष 100 में शामिल, करीब पांच खरब रुपये का रहा कुल कारोबार

By विशाल कुमार | Updated: December 7, 2021 07:57 IST

ये तीन कंपनियां हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), इंडियन ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज, और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) हैं। इनमें से, आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी), जिसमें भारतीय आयुध कारखाने शामिल थे, को भंग कर दिया गया है।

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ठळक मुद्देये तीनों कंपनियां साल 2019 में भी हथियारों की बिक्री में शीर्ष 100 में शामिल थीं।हथियार बनाने वाले शीर्ष 11 देशों में भारत का सबसे छोटा हिस्सा है।दुनियाभर में शीर्ष 100 में अमेरिका की सबसे अधिक कंपनियां हैं।

नई दिल्ली: दुनियाभर में हथियारों की बिक्री पर निगरानी रखने वाली संस्था स्टॉकहोन इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि साल 2020 में संयुक्त रूप से हथियारों की बिक्री के मामले में तीन भारतीय कंपनियां दुनिया के शीर्ष 100 कंपनियों में शामिल हैं।

ये तीन कंपनियां हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), इंडियन ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज, और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) हैं।

इनमें से, आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी), जिसमें भारतीय आयुध कारखाने शामिल थे, को भंग कर दिया गया है और इसके स्थान पर सात नए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बनाए गए हैं। ये तीनों कंपनियां साल 2019 में भी हथियारों की बिक्री में शीर्ष 100 में शामिल थीं।

हालिया रैंकिंग में एचएएल 2.24 खरब रुपये के साथ 42वें स्थान पर है, जो 2019 की बिक्री से 1.5 प्रतिशत अधिक है। भारतीय आयुध निर्माणियां 1.44 खरब रुपये की बिक्री के साथ 60वें स्थान पर हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.2 प्रतिशत अधिक है। हथियारों की बिक्री में 1.23 खरब रुपये के साथ बीईएल 66वें स्थान पर है, जो 2019 की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है।

हालांकि, हथियार बनाने वाले शीर्ष 11 देशों में भारत का सबसे छोटा हिस्सा है। सिप्री की रिपोर्ट में कहा गया है कि 41 हथियार कंपनियों के साथ, दुनियाभर में शीर्ष 100 में अमेरिका की सबसे अधिक कंपनियां हैं। कुल मिलाकर, उनकी हथियारों की बिक्री 285 बिलियन डॉलर रही, जो 2019 की तुलना में 1.9 प्रतिशत की वृद्धि है।

शीर्ष 100 की संयुक्त हथियारों की बिक्री में अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी 54 प्रतिशत है। चीन 13 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है, उसके बाद ब्रिटेन 7.1 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है।

शीर्ष 100 कंपनियों के लिए संयुक्त हथियारों की बिक्री में रूस और फ्रांस क्रमशः 5 प्रतिशत और 4.7 प्रतिशत के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।

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