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घर तक राशन पहुंचाने की योजना का कोई नाम नहीं होगा : केजरीवाल

By भाषा | Updated: March 20, 2021 21:30 IST

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नयी दिल्ली, 20 मार्च दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार का घर तक राशन पहुंचाने की योजना का कोई नाम नहीं होगा। केंद्र ने एक दिन पहले ही ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना’ पर विराम लगा दिया था, जो 25 मार्च से शुरू होने वाली थी।

केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम केंद्र की सभी शर्तों को स्वीकार करेंगे, लेकिन योजना में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने देंगे।’’

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार से कहा कि ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना’ को लागू नहीं करें और कहा कि किसी राज्य को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत आवंटित खाद्यान्न के इस्तेमाल की ‘‘अनुमति नहीं’’ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की तरफ से शुक्रवार की दोपहर को मिले पत्र में सूचित किया गया कि घर तक राशन पहुंचाने की योजना का नाम ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना’ नहीं रखा जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘संभवत: उन्हें मुख्यमंत्री शब्द पर आपत्ति है। हम श्रेय लेने के लिए ऐसा नहीं कर रहे हैं। इसलिए अब योजना का कोई नाम नहीं होगा। सोमवार को कैबिनेट की बैठक होगी और इसके प्रस्ताव केंद्र के पास भेजे जाएंगे।’’

इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री ने खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक की।

उन्होंने कहा, "मैंने अधिकारियों से इस योजना का नाम हटाने के लिए कहा है। इसका अब कोई नाम नहीं है और यह अब कोई योजना नहीं है। मेरा मानना है कि इस फैसले से केंद्र को जो भी आपत्ति थी वह दूर हो गई और अब वे हमें इसे लागू करने की अनुमति देंगे।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन पहले दुकानों के माध्यम से वितरित किया जाता था, अब लाभार्थियों के घर तक पहुंचाया जाएगा।

केजरीवाल ने दावा किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से माफिया को हटाकर गरीब लोगों को सीधे राशन वितरण सुनिश्चित करना उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम 20-22 वर्षों से इस योजना के सपने देख रहे हैं और पिछले दो-तीन वर्षों से व्यक्तिगत तौर पर मैं इसकी तैयारी कर रहा था, लेकिन केंद्र की तरफ से आपत्ति करने के बाद हमारा दिल डूब गया। अब हम इसके रास्ते में कोई बाधा नहीं आने देंगे और उनकी सभी शर्तों को मानेंगे।’’

उन्होंने कहा कि राशन माफिया बहुत शक्तिशाली हैं और मजबूत संबंध रखते हैं और वे कभी नहीं चाहेंगे कि यह योजना लागू हो।

मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना के कार्यक्रम को पिछले महीने दिल्ली सरकार ने अधिसूचित किया था।

राष्ट्रीय राजधानी में, पीडीएस के लगभग 72 लाख लाभार्थी हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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