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लद्दाख के हितों की रक्षा, विभिन्न मांग को लेकर कारगिल, लेह के संगठनों के बीच बनी सहमति

By भाषा | Updated: August 1, 2021 21:31 IST

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लेह, एक अगस्त केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने की दूसरी वर्षगांठ के कुछ दिन पहले अपने वैचारिक मतभेदों को परे रखते हुए लद्दाख के कारगिल और लेह जिलों के विभिन्न प्रतिनिधियों ने क्षेत्र के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपाय के साथ अलग राज्य की मांग को लेकर हाथ मिलाया। पिछले साल दोनों जिलों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के आठ महीने बाद विभिन्न मुद्दों पर उनके बीच सहमति बनी है।

लेह स्थित पीपुल्स मूवमेंट फॉर सिक्स्थ शेड्यूल के शीर्ष निकाय और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के नेताओं ने कहा कि वे एक महीने के भीतर 10,000 से अधिक रिक्तियों को भरने के लिए स्थानीय युवाओं की भर्ती, क्षेत्र से एक और लोकसभा सीट तथा दो राज्यसभा सीटों की मांग को लेकर आम सहमति पर पहुंच गए हैं।

केंद्र ने पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द कर दिया और इसे दो हिस्से में बांटकर जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश बना दिया था। केडीए के असगर अली करबलाई ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह लद्दाख के लोगों के लिए ऐतिहासिक और सुनहरा दिन है। हम कल (शनिवार) ‘एपेक्स बॉडी’ के निमंत्रण पर यहां पहुंचे हैं और लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग सहित चार बिंदुओं पर आम सहमति बनाने के लिए गहन चर्चा की।’’

केडीए और एपेक्स बॉडी के सदस्यों के साथ करबलाई ने कहा, ‘‘हम अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए जो कुछ भी आवश्यक है उसके लिए तैयार हैं... हम एक संयुक्त समिति बनाएंगे जो केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष मांगों को रखेगी।’’ उनके साथ एपेक्स बॉडी के नेता और पूर्व सांसद थुपस्तान छेवांग भी थे।

पिछले साल दिसंबर में छेवांग के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कारगिल का दौरा किया और केडीए के नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श किया तथा लद्दाख के लोगों के हितों के खिलाफ माने जाने वाले किसी भी कानून के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया। एपेक्स बॉडी और केडीए दोनों जिलों के अलग-अलग सामाजिक-धार्मिक, राजनीतिक और छात्र संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। दोनों समूहों का गठन पांच अगस्त 2019 के घटनाक्रम के बाद हुआ था।

छेवांग ने कहा, ‘‘हम एक संयुक्त समिति बना रहे हैं जो पूरे लद्दाख का प्रतिनिधित्व करेगी और केंद्र सरकार के समक्ष विभिन्न मांगों पर आगे की बातचीत करेगी। हमारी मांगों का फोकस लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, संवैधानिक सुरक्षा उपाय चाहे वह छठी अनुसूची के तहत हो या संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत और लोकसभा में एक और राज्यसभा की दो सीटें हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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