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बिहार में शिक्षक भर्ती में भी हुआ घोटाला, बहाल हो गए फर्जी शिक्षक, करीब 24000 शिक्षकों की नौकरी खतरे में

By एस पी सिन्हा | Updated: November 4, 2024 15:21 IST

Bihar Education: शिक्षा विभाग के सूत्रों से पता चला है कि ऐसे करीब 24000 शिक्षकों की नौकरी खतरे में है, जिनकी पहली जांच में उनके एक से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं।

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ठळक मुद्देप्राप्त जानकारी के अनुसार हाल ही में हुई जांच में लगभग 24000 शिक्षक फर्जी पाए गए हैंइनमें से अधिकांश शिक्षकों के सीटीईटी के अंक निर्धारित मानदंड से काफी कम पाए गए हैंलगभग 80 फीसदी शिक्षकों के सीटीईटी में 60 फीसदी से भी कम अंक हैं

पटना:बिहार में शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग ने भी कहा है कि ऐसे फर्जी शिक्षकों से सरकार वेतन की भी वसूली करेगी। वहीं, शिक्षा विभाग के सूत्रों से पता चला है कि ऐसे करीब 24000 शिक्षकों की नौकरी खतरे में है, जिनकी पहली जांच में उनके एक से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। अब दूसरी बार फिर से जांच होगी, इस दौरान भी अगर प्रमाण पत्र के बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला तो उनको बर्खास्त किया जाएगा, फिर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनसे वेतन की वसूली भी की जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हाल ही में हुई जांच में लगभग 24000 शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। इनमें से अधिकांश शिक्षकों के सीटीईटी के अंक निर्धारित मानदंड से काफी कम पाए गए हैं। लगभग 80 फीसदी शिक्षकों के सीटीईटी में 60 फीसदी से भी कम अंक हैं। इसके अलावा 20 फीसदी शिक्षकों ने दिव्यांगता, जाति, निवास और खेल कोटे आदि के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया है। 

इस गंभीर मामले में सरकार ने दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। इन शिक्षकों से सरकार द्वारा दिए गए वेतन की वसूली की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावे कई शिक्षकों के एक से अधिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। इन सभी शिक्षकों की दोबारा जांच की जाएगी। यदि इस जांच में भी उनके प्रमाणपत्रों के बारे में कोई सही जानकारी नहीं मिलती है, तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

सक्षमता परीक्षा पास अभ्यर्थियों की काउंसलिंग के दौरान भी बड़े पैमाने पर धांधली पाई गई है। पहले चरण की काउंसलिंग में ही 96 शिक्षकों की मार्कशीट फर्जी पाई गई, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। 1 अगस्त से 13 सितंबर तक हुई काउंसलिंग में 1.87 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। इस दौरान 42 हजार शिक्षकों की काउंसलिंग नहीं हो पाई और 3 हजार से अधिक शिक्षक अनुपस्थित रहे। 

इसके अलावा, 42 हजार में से 10 हजार से अधिक शिक्षकों का बायोमेट्रिक सत्यापन भी नहीं हो सका।जिन अभ्यर्थियों की काउंसलिंग नहीं हो पाई है, उन्हें छठ के पर्व के बाद फिर से काउंसलिंग का मौका दिया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक योगेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य में 40 हजार से अधिक शिक्षकों की काउंसलिंग अभी बाकी है। नवंबर में इन शिक्षकों की काउंसलिंग की संभावना है। 

उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षकों के स्थानांतरण के समय उनकी सभी शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेजों, फोटो, निवास और जाति प्रमाण पत्रों का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन आधारित आधार कार्ड से मिलान किया जाएगा। साथ ही, उनके थंब इंप्रेशन की भी जांच की जाएगी। सभी रिकॉर्ड सर्विस बुक में दर्ज किए जाएंगे और डिजिटल सर्विस बुक बनाकर ऑनलाइन कर दिए जाएंगे।

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