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लखीमपुर खीरी हिंसा पर बोले राहुल गांधी- 'देश में पहले लोकतंत्र था पर अब तानाशाही है, हमें मार दीजिए, कोई फर्क नहींं पड़ता'

By भाषा | Updated: October 6, 2021 11:29 IST

राहुल गांधी ने कहा है कि वे आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ लखीमपुर खीरी जाएंगे और पीड़ित परिवारों से मिलेंगे।

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ठळक मुद्देउत्तर प्रदेश में अपराधियों को खुले घूमने की आजादी है, पीड़ितों जेल में हैं: राहुल गांधीराहुल आज जाएंगे लखीमपुर खीरी, छत्तीसगढ़ और पंजाब के सीएम भी होंगे साथ।त्तर प्रदेश में नयी तरह की राजनीति हो रही है। अपराधी जो चाहें वो कर सकते हैं: राहुल

नयी दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा, प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को उत्तर प्रदेश में जाने से रोके जाने की पृष्ठभूमि में बुधवार को दावा किया कि भारत में लोकतंत्र हुआ करता था, लेकिन अब तानाशाही है। 

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों को खुले घूमने की आजादी है, जबकि पीड़ितों को जेल में डाल दिया जाता है।

राहुल गांधी ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि वह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ लखीमपुर खीरी जाकर पीड़ित परिवारों से मिलने का प्रयास करेंगे।

'किसानों पर सुनियोजित ढंग से हो रहा आक्रमण'

उन्होंने कहा, ‘‘किसानों को जीप के नीचे कुचला जा रहा है। भाजपा के मंत्री और उनके पुत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। किसानों पर सुनियोजित ढंग से आक्रमण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी, कल लखनऊ में थे,लेकिन लखीमपुर खीरी नहीं जा पाए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम दो मुख्यमंत्रियों के साथ लखनऊ जाने और लखीमपुर खीरी जाकर परिवारों से मिलने का प्रयास करेंगे। हम तीन लोग जा रहे हैं। हमने उनको (प्रशासन) पत्र लिखा है।’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘उत्तर प्रदेश में नयी तरह की राजनीति हो रही है। अपराधी जो चाहें वो कर सकते हैं। अपराध करने वाले जेल से बाहर होते हैं, लेकिन पीड़ित जेल के अंदर होते हैं।’’

कांग्रेस की ओर से इस मामले पर राजनीति करने संबंधी आरोप पर उन्होंने कहा, ‘‘हमारा काम दबाव बनाने का होता है। जब हम दबाव बनाते हैं तो कार्रवाई होती है। हाथरस में हमने दबाव बनाया तो कार्रवाई हुई। सरकार चाहती है कि हम दबाव नहीं बनाएं।’’

एक सवाल के जवाब में उन्होंने दावा किया, ‘‘लोकतंत्र हुआ करता था। आज हिंदुस्तान में तानाशाही है। राजनेता उत्तर प्रदेश में नहीं जा सकते। कल से हमसे कहा जा रहा है कि आप उत्तर प्रदेश नहीं जा सकते। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री नहीं जा पाए।’’

'हमें मार दीजिए...कोई फर्क नहीं पड़ता'

उन्होंने आगे कहा, ‘‘तानाशाही इस बात की है कि भयंकर चोरी हो रही है। किसानों से चोरी हो रही है, आम जनता की जेब से चोरी हो रही है, आम लोगों की आवाज कुचली जा रही है।’’

प्रियंका गांधी के साथ कथित धक्का-मुक्की के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हमें धक्का-मुक्की से कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमें मार दीजिए, कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि हमारे परिवार में हमें ऐसा प्रशिक्षण मिला है। लेकिन हम किसानों की बात कर रहे हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘देश के ढांचे पर भाजपा और आरएसएस ने कब्जा कर लिया है। सभी संस्थाओं को नियंत्रित किया गया है।

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