सरकार के ई-खरीद पोर्टल का इस्तेमाल आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के प्रदर्शन रिपोर्ट में परिलक्षित होगा
By भाषा | Updated: April 6, 2021 18:14 IST2021-04-06T18:14:08+5:302021-04-06T18:14:08+5:30

सरकार के ई-खरीद पोर्टल का इस्तेमाल आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के प्रदर्शन रिपोर्ट में परिलक्षित होगा
नयी दिल्ली, छह अप्रैल आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में वस्तु एवं सेवा की खरीद के लिए सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल का उपयोग परिलक्षित होगा। यह बात कार्मिक मंत्रालय के आदेश में कही गई है।
यह पोर्टल विभिन्न सरकारी मंत्रालयों या विभागों द्वारा आम उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद में सुविधा प्रदान करता है।
वेबसाइट पर उपलब्ध वस्तु और सेवाओं के लिए केंद्र द्वारा जीईएम पोर्टल के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद को अनिवार्य कर दिया गया है।
इसमें कहा गया है कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह डिजिटल ई-कॉमर्स पोर्टल सभी मंत्रालयों या विभागों द्वारा उचित रूप से उपयोग किया जाता है, यह निर्णय लिया गया है कि आफिसर रिपोर्टेड अपॉन (ओआरयू) द्वारा जीईएम के माध्यम से किए गए कार्यों को भारत सरकार के सभी मंत्रालयों या विभागों में काम करने वाले सभी इंडिया सर्विस आफिसर के वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) में उल्लेखित किया जाएगा।
तीन अखिल भारतीय सेवाएं हैं - भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (ओईएफओएस)।
कार्मिक मंत्रालय के 18 मार्च के आदेश में कहा गया है जीईएम का लक्ष्य सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, दक्षता और गति को बढ़ाना है और धनराशि के लिए सर्वोत्तम मूल्य प्राप्त करना है।
इसमें कहा गया है कि जीईएम पोर्टल से खरीद का काम संभाल रहे ओआरयू एपीएआर फार्म में स्वमूल्यांकन दर्ज करते समय खरीद के लिए आवंटित कुल बजट निर्दिष्ट करेगा और रिपोर्ट की अवधि के दौरान उसके द्वारा पोर्टल के माध्यम से की गई कुल खरीद और जीईएम के प्रोत्साहन के लिए उठाये गए कदमों को उल्लेखित करेगा।
आदेश में कहा गया है कि रिपोर्ट करने और समीक्षा करने वाले अधिकारी रिपोर्ट की अवधि के दौरान मौजूदा निर्देशों के अनुसार ओआरयू के प्रदर्शन को ध्यान में रखेंगे।
मंत्रालय ने सभी केंद्र सरकार के विभागों के सचिवों को जारी आदेश में कहा है कि एपीएआर के लिए ये निर्देश रिपोर्टिंग वर्ष 2020-2021 से लागू होंगे। उन्हें सख्त कार्यान्वयन के लिए इसे सभी अधिकारियों के ध्यान में लाने के लिए कहा गया है।
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