मुंगेर गोलीकांड में मारे गए युवक के पिता को मुआवजा देने के आदेश को शीर्ष अदालत ने रखा बरकरार

By भाषा | Updated: June 4, 2021 22:15 IST2021-06-04T22:15:41+5:302021-06-04T22:15:41+5:30

The top court upheld the order of compensation to the father of the youth killed in the Munger shooting | मुंगेर गोलीकांड में मारे गए युवक के पिता को मुआवजा देने के आदेश को शीर्ष अदालत ने रखा बरकरार

मुंगेर गोलीकांड में मारे गए युवक के पिता को मुआवजा देने के आदेश को शीर्ष अदालत ने रखा बरकरार

नयी दिल्ली, चार जून उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को बिहार के मुंगेर जिले में पिछले वर्ष पुलिस की कथित गोलीबारी में मारे गए 18 वर्षीय लड़के के पिता को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने के पटना उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि ‘‘यह भयावह है कि एक युवा को गोली मारी गई।’’

शीर्ष अदालत ने पाया कि पुलिस ने मामले की ठीक तरह से जांच नहीं की क्योंकि मुंगेर की तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सत्ताधारी दल के एक सदस्य की रिश्तेदार हैं।

युवक को पिछले साल 26 अक्टूबर को देवी दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन के लिए जा रही भीड़ और पुलिस के बीच हुई झड़प के दौरान गोली मारी गई थी। बाद में उसे अस्पताल लाले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने कहा, ‘‘पुलिस ने 18 साल के एक युवक को गोली मार दी थी और हम कह सकते हैं कि जिस तरह से पुलिस ने इस मामले की जांच की है, वह वाकई चौंकाने वाला है।’’

पीठ ने कहा कि उसे निर्णय और आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं मिलता है। पीठ ने कहा कि तदनुसार विशेष अनुमति याचिका खारिज की जाती है।

बिहार सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता मनीष कुमार ने टिप्पणियों का कड़ा विरोध किया और कहा कि वह आदेश को चुनौती नहीं दे रहे हैं, लेकिन इस स्तर पर 10 लाख रुपये के मुआवजे के खिलाफ हैं, जब यह पता नहीं चल पाया है कि युवक पीड़ित था या आरोपी क्योंकि जुलूस में आग्नेयास्त्र पाए गए थे।

उन्होंने कहा कि जुलूस अवैध था क्योंकि 25 अक्टूबर तक मूर्तियों के विसर्जन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्होंने पिछले साल 26 अक्टूबर को जुलूस निकाला।

कुमार ने कहा कि उच्च न्यायालय जांच की निगरानी कर रहा है और जब तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकलता है, तब तक राज्य को मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता है और उच्च न्यायालय के उस आदेश के हिस्से पर रोक लगाई जाए।

सात अप्रैल को, पटना उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को मृतक अनुराग पोद्दार के पिता अमर नाथ पोद्दार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था, जिन्होंने मामले में सीबीआई जांच और मुआवजे के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: The top court upheld the order of compensation to the father of the youth killed in the Munger shooting

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे