लाइव न्यूज़ :

महामारी ने जिन सामाजिक असमानताओं को उजागर किया, उन्हें दूर करने की जरूरत: एम्स प्रमुख

By भाषा | Updated: September 9, 2021 16:46 IST

Open in App

नयी दिल्ली, नौ सितंबर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रमुख रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने स्वास्थ्य क्षेत्र समेत जिन सामाजिक असमानताओं को उजागर किया है, उसे दूर करने की जरूरत है।

बुधवार को भारत सोका गकाई (बीएसजी) की ओर से आयोजित एक ऑनलाइन शांति संगोष्ठी के दौरान एम्स प्रमुख ने यह टिप्पणी की।

गुलेरिया को एक बयान में यह कहते हुए उद्धृत किया गया कि ‘किसी को पीछे न छोड़ो’ की अवधारणा इस महामारी काल में सबसे ज्यादा प्रासंगिक है और महामारी ने प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे और स्वास्थ्य क्षेत्र तथा शिक्षा क्षेत्र में जिस तरह की सामाजिक विषमता को उजागर किया है, उन्हें दूर करने की जरूरत है। सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि हर जीवन कीमती है।

इस संगोष्ठी के पैनल सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि दुनिया को बेहद प्रभावित करने वाली कोविड-19 महामारी ने यह दिखाया है कि वैश्विक सहयोग और एकजुटता सिर्फ पसंद की नहीं बल्कि अस्तित्व की बात हो गई है।

बीएसजी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि इस वेबिनार में ‘डायलॉग इन एक्शन: एम्पॉवरिंग ह्यूमेनिटी’ विषय पर संगोष्ठी की नई श्रृंखला की शुरुआत हुई।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठRashifal 06 April 2026: आज इन 4 राशिवालों को होगा चौतरफा लाभ, नौकरी-व्यापार में होगी तरक्की

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

क्राइम अलर्टशिक्षा संस्थाओं में भी अंधविश्वास का घेरा! 

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

कारोबारअमेरिका-इजराइल और ईरान जंगः मरघट के चौकीदारों की नकेल कसिए!

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया