लाइव न्यूज़ :

समस्या कोविड-19 के टीके की कमी की नहीं, बल्कि योजना की : सरकार

By भाषा | Updated: April 13, 2021 19:29 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास अब भी कोविड-19 के टीकों की 1.67 करोड़ से अधिक खुराक हैं और समस्या टीकों की कमी की नहीं, बल्कि बेहतर योजना की है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अभी तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 13,10,90,370 टीकों की खुराक मिली हैं जिनमें से कुल खपत 11,43,69,677 खुराकों की ही हुई है। इनमें बेकार हुईं खुराकें भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पूर्वाह्न 11 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास अभी इस्तेमाल नहीं की गईं 1,67,20,693 खुराकें हैं। आज से अप्रैल के अंत तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 2,01,22,960 खुराकों की आपूर्ति की जाएगी।’’

भूषण ने कहा, ‘‘इससे स्पष्ट दिखाई देता है कि समस्या बेहतर योजना की कमी की है, टीकों की खुराक की कमी की नहीं है। हमने समय-समय पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को टीकों की खुराक उपलब्ध कराई हैं और जैसा कि हमने आपको पहले बताया था कि बड़े राज्यों को हम एक बार में चार दिन की आपूर्ति देते हैं और चौथे तथा पांचवें दिन हम फिर से आपूर्ति करते हैं। छोटे राज्यों के लिए हम एक बार में सात-आठ दिन की खुराकों की आपूर्ति करते हैं और सातवें या आठवें दिन आपूर्ति दोबारा की जाती है।’’

उन्होंने कहा कि केरल में टीके की एक भी खुराक बर्बाद नहीं हुई है, वहीं दूसरी तरफ अन्य राज्यों में 8-9 प्रतिशत खुराक बेकार जा रही हैं।

देश में कोरोना वायरस के हालात का जिक्र करते हुए भूषण ने कहा कि संक्रमण का पहले का सर्वोच्च स्तर पार हो चुका है और मामले तेजी से बढ़ रहे हैं तथा यही चिंता की बात है।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले सितंबर में एक दिन में सर्वाधिक मामले 94,372 के स्तर पर थे जो आज 1,61,736 प्रतिदिन के स्तर पर पहुंच गया है।’’

भूषण के मुताबिक मौत के मामलों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि सर्वाधिक चिंता वाले राज्यों में महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात आदि हैं।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि गंभीर स्थिति पैदा हो रही है। कुछ राज्यों में हालात ज्यादा खराब हैं लेकिन समस्या पूरे देश में है और जांच, नजर रखने, रोगियों का पता लगाने तथा उपचार करने की रणनीति पर सतत ध्यान होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उचित कोविड व्यवहार का पालन करने तथा टीका लगाने पर भी जोर होना चाहिए।

रेमडेसिविर टीके की कमी की खबरों के बीच पॉल ने कहा कि यह दवा केवल अस्पताल में भर्ती, गंभीर रोगियों को देनी होती है और घरों में इसके इस्तेमाल का कोई सवाल ही नहीं उठता तथा केमिस्ट की दुकान से इन्हें नहीं खरीदा जाता।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटRCB vs CSK: चेन्नई सुपर किंग्स की लगातार तीसरी हार, आरसीबी ने 43 रन से जीता बैक-टू-बैक दूसरा मुकाबला

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

क्रिकेटबेंगलुरु में छक्कों की बौछार के बीच, टिम डेविड की विस्फोटक पारी से CSK के खिलाफ RCB ने बनाया 250/3 का विशाल स्कोर

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

भारत अधिक खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह