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विपक्ष ने योगी सरकार की साढ़े चार वर्ष की उपलब्धियों को हवा-हवाई बताया

By भाषा | Updated: September 19, 2021 21:39 IST

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लखनऊ, 19 सितंबर उत्तर प्रदेश में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के साढ़े चार वर्ष पूरे होने पर रविवार को विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने सरकार पर जमकर हमला बोला और सरकार की उपलब्धियों के दावे को हवा-हवाई बताया।

विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाओं के बीच भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह ने कहा, ''विपक्षी दल ‘योगी फोबिया’ से ग्रस्त है और सपा-बसपा और कांग्रेस की हालत रेत में सर छुपाये शुतुरमुर्ग जैसी है और उनको योगी सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं।''

इससे पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को ट्वीट करके सरकार की आलोचना की थी।

उन्होंने ट्वीट किया, “इस दंभी सरकार के 54 माह गुजर गये और अब सिर्फ छह माह बचे हैं।”

उन्‍होंने कहा, “किसान, गरीब, महिला और युवाओं पर अत्याचार करने वाली, बेरोजगारी, महंगाई, नफरत, ठप्प कारोबार के बहकावे, फुसलावे वाली जुमलेबाज सरकार के छह माह बचे हैं। जिसका सच ठग का साथ, ठग का विकास और ठग का प्रयास हो, ऐसी सरकार नहीं चाहिए।”

यादव ने कहा, “जिस प्रकार किसान और ग्रामीण जनता आवारा पशुओं की समस्या से बुरी तरह त्रस्त है उससे तो यही लगता है कि उप्र का अगला चुनाव स्वयंभू-तथाकथित ‘दमदार’ बनाम ‘दुमदार’ की समस्या पर होगा।”

यादव ने रविवार शाम को जारी एक बयान में कहा, ''भाजपा सरकार के सत्ता में अब केवल छह महीने बचे हैं, अब तक एक भी वादा पूरा न करने वाली और सिर्फ सरकारी विज्ञापनों के खम्भों पर टिकी भाजपा सरकार चुनावी रणनीति के तहत लोक लुभावन सौगातें परोसने में लग गई है। उद्घाटन, शिलान्यास के अलावा अन्य घोषणाओं की बौछार करते समय मुख्यमंत्री यह भूल जाते हैं कि जनता भलीभांति समझती है कि जो काम और वादे साढ़े चार साल में नहीं पूरे हुए उन्हें छह माह में किस चमत्कार से पूरा कर दिया जाएगा।''

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने ट्वीट में कहा, “उप्र भाजपा सरकार द्वारा ‘बदलाव के 4.5 वर्ष’ का विज्ञापन एवं अधिकांश दावे हवा-हवाई तथा जमीनी हकीकत से बहुत दूर हैं और इनकी कथनी व करनी में अंतर होने के कारण यहां की बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई आदि से जनता की बदहाली जग-ज़ाहिर है।’’

योगी सरकार के विकास के तमाम दावों को कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने झूठ का पुलिंदा बताया। उन्होंने कहा, '' इस दौरान उप्र को सिर्फ़ बर्बादी मिली है। जनता के टैक्स का पैसा खर्च करके मुख्‍यमंत्री योगी झूठे विज्ञापन देकर चाहे जितना चेहरा चमकाएं लेकिन हक़ीक़त ये है कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और अपराध से त्राहि-त्राहि कर रही है।''

प्रदेश अध्‍यक्ष ने रविवार को जारी एक बयान में कहा, ''किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करके सत्ता में आई योगी सरकार बेशर्मी के साथ आज अपने साढ़े चार साल पूरे होने पर "विकास उत्सव" मना रही है, जबकि सच्चाई यह है कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा हो या हर साल 70 लाख नौजवानों को रोजगार देने का वादा, सब फ़र्ज़ी साबित हुए हैं।''

उन्‍होंने कहा कि सभी मामलों में यह सरकार आजादी के बाद की अब तक की सबसे नकारा सरकार साबित हुई है। लल्‍लू ने आरोप लगाया कि योगी सरकार झूठ पर झूठ बोलकर विज्ञापनों के जरिये चेहरा चमका रही है और अगर प्रदेश सरकार ने विकास किया होता तो उसे आज “झूठ की बुकलेट” और धार्मिक एजेंडे का सहारा ना लेना पड़ता।

इसबीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी विपक्षी दलों पर जमकर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल ‘योगी फोबिया’ से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि, '' सपा-बसपा और कांग्रेस की जमींन उत्तर प्रदेश में खिसक गई है। सत्ता वापसी के इनके सपने बिखर गए हैं। इनका काम केवल भ्रामक, तथ्यहीन व बेबुनियाद प्रोपेगेंडा चलाकर जनता को सिर्फ और सिर्फ भ्रमित करना है।''

भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष ने कहा,‘‘ अपराधियों की मसीहा समाजवादी पार्टी सरकार के विरोध में बोलने का हक खो चुकी है। सपा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ सिर्फ इस वजह से बोल रही है क्योंकि उसके शासनकाल में पोषित और संरक्षित माफियाराज के खिलाफ मुख्यमंत्री ने अभियान छेड़ रखा है। योगी सरकार द्वारा पिछले साढे़ चार साल में माफियाओं और बदमाशों के कब्जे से छुडाई गई 18 सौ करोड़ से ज्यादा की सरकारी जमींन और ध्वस्त व जब्त की गई करोड़ों की संपत्तियां इसका सबूत है।’’

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि राजनीतिक पर्यटन पर प्रदेश में आने वालों को यह नहीं भूलना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के निवासी उन्हें तीन दशक पहले ही नकार चुके हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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