लाइव न्यूज़ :

सरकार प्रवासी भारतीयों के लिए डाक मतपत्रों की अनुमति देने से पहले व्यापक विचार-विमर्श करेगी

By भाषा | Updated: December 15, 2020 19:33 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 15 दिसंबर सरकार ने पात्र प्रवासी भारतीयों को मतदान के लिए डाक मतपत्रों के उपयोग की अनुमति देने के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं किया है क्योंकि इस संबंध में अंतिम फैसला करने से पहले सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श की जरूरत होगी।

सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रवासी भारतीयों को, जिनके नाम भारत में मतदाता सूची में हैं, डाक मतपत्रों के जरिए मतदान की अनुमति देने के लिए नियमों में संशोधन का चुनाव आयोग का प्रस्ताव अभी नौकरशाही स्तर पर ही है और इस संबंध में राजनीतिक दलों के साथ चर्चा अभी बाकी है।

चुनाव आयोग ने सरकार को प्रस्ताव दिया है कि वह पात्र प्रवासी भारतीय मतदाताओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक डाक मतपत्र प्रणाली (ईटीपीबीएस) सुविधा का विस्तार करे। यह सुविधा अभी सैन्यकर्मियों को उपलब्ध है।

चुनाव आयोग ने 27 नवंबर को कानून मंत्रालय में विधायी सचिव को भेजे एक पत्र में कहा कि सैन्यकर्मियों के बीच ईटीपीबीएस की सफलता से अब वह "आश्वस्त" है कि यह सुविधा प्रवासी मतदाताओं को भी मुहैया करायी जा सकती है।

आयोग ने कहा कि वह असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों में इस सुविधा का विस्तार करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक रूप से तैयार है।

इन राज्यों में अगले साल अप्रैल-जून में चुनाव होने हैं।

आयोग ने कहा कि उसे विदेशों में रह रहे भारतीय मतदाताओं से कई ज्ञापन मिल रहे हैं ताकि उन्हें डाक मतपत्रों के जरिए मतदान की सुविधा मिल सके। ऐसे प्रवासी मतदाता अपने मतदान क्षेत्र में उपस्थित होने की स्थिति में नहीं होते हैं क्योंकि भारत की यात्रा महंगा मामला है और इसके साथ ही वे रोजगार, शिक्षा या अन्य व्यस्तताओं जैसी मजबूरियों के कारण विदेश से नहीं आ सकते।

कानून मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा गया है कि कोविड-19 से जुड़े दिशानिर्देशों के कारण समस्या और बढ़ गयी है।

अब तक, प्रवासी भारतीय अपने पंजीकृत निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान करने के लिए स्वतंत्र हैं।

चुनाव आयोग के पास मौजूद अनौपचारिक आंकड़ों से पता चलता है कि केवल 10,000 से 12,000 प्रवासी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है क्योंकि वे भारत आने और मतदान करने के लिए विदेशी मुद्रा नहीं खर्च करना चाहते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबिहार के बक्सर जिले से सामने आई है एक दिलचस्प प्रेम कहानी, दो महिलाओं ने कर ली आपस में शादी, एक पहले से थी विवाहित, दूसरी कुंवारी

क्राइम अलर्टपरिचित ही निकला कातिल, फिरौती के लिए की गई थी नागपुर के 14 वर्षीय अथर्व की हत्या, सीसीटीवी से खुली साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos

क्राइम अलर्टबिहार के मुजफ्फरपुर में इश्क, फरेब और साजिश के घिनौना खेल में सुहाग को ही रास्ते से हटाने का फरमान, गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच थम गई पति का सांस

भारत अधिक खबरें

भारतDelhi Assembly Security Breach: कार में सवार व्यक्ति ने कॉम्प्लेक्स का गेट तोड़कर पोर्च में रखा गुलदस्ता, वीडियो

भारतबिहार में शराबबंदी कानून को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया सवाल, कहा- बिहार में 40 हजार करोड़ रुपये की एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है

भारतमुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने जदयू नेताओं ने लगाया निशांत कुमार जिंदाबाद, CM भी मुस्कुराए

भारतबिहार में मुख्यमंत्री चुनना भाजपा के लिए बनी बड़ी सिरदर्दी, सम्राट चौधरी के नाम पर दल में टूट की संभावना, संघ बैकग्राउंड के नेता की हो रही है मांग

भारतएनएसजी कमांडोज के करतब देख रोमांचित हुए सीएम डॉ. मोहन, कहा- जवानों ने योग्यता-बुद्धिमत्ता-निडरता का अहसास कराया