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नये कृषि कानूनों से लाभान्वित किसानों की कहानी बयां करती ई-पुस्तिका सरकार ने जारी की

By भाषा | Updated: December 17, 2020 20:50 IST

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नयी दिल्ली, 17 दिसंबर नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे किसानों के आंदोलन के जोर पकड़ने के बीच केंद्र सरकार ने इन कानूनों के लागू होने के बाद अनुबंध खेती से लाभान्वित हुए किसानों की सफलता की कहानी बयां करने वाली एक ई-पुस्तिका बृहस्पतिवार को जारी की।

‘‘अन्नदाताओं के हितों को समर्पित मोदी सरकार’’ शीर्षक वाली 100 पृष्ठों की इस ई-पुस्तिका में सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन कानूनों से ‘‘क्या नहीं होगा’’ और ‘‘किसानों के लिए क्या बेहतर होगा’’।

सरकार की ओर से इस पुस्तिका के जरिए यह भी स्पष्ट किया गया है कि पिछले छह वर्षों में केंद्र में (नरेंद्र) मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से सुधार किए हैं और इसके प्रत्येक चरण में किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया ।

सरकार ने कहा कि सितंबर में लागू किए गए तीन कृषि कानून ‘‘दो दशकों तक किए गए विचार-विमर्श’’ के बाद ला गए हैं।

दिल्ली की सीमाओं पर किसान पिछले 20 दिनों से इन नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ये कृषि कानून हैं--किसान उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) कानून, किसान (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) मूल्य आश्वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं कानून और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून।

किसान संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इन कानूनों को रद्द नहीं किया गया तो दिल्ली और नोएडा की सीमा चिल्ला बॉर्डर को वे पूरी तरह से अवरूद्ध कर देंगे।

केन्द्र सरकार जहां तीनों कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शनकारी किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे।

सरकार ने इन कानूनों से लाभान्वित हुए किसानों का ब्योरा देते हुए कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के करीब 1,300 किसानों ने फॉर्च्यून राइस कंपनी के साथ समझौता किया है, जिसके तहत वह निर्यात के योग्य धान उपजाएंगे। इससे उनकी आय में 15-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।’’

इसी प्रकार सरकार ने बताया कि उत्तरी गुजरात में करीब 2,500 आलू किसानों ने आलू प्रसंस्करण करने वाली कंपनी हाईफन फूड्स के साथ समझौता किया है।

पुस्तिका के मुताबिक, ‘‘इसके जरिए वे प्रति एकड़ 40 हजार रुपये से ज्यादा की अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। पंजाब, उत्तरी हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 1,000 से ज्यादा किसानों ने टेक्नो एग्री साइसेंज लिमिटेड के साथ समझौता किया है। समझौते के तहत किसानों को लागत से 35 प्रतिशत ज्यादा लाभ गारंटी के साथ मिल रहा है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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