बिहार से राज्यसभा के 5 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में छह उम्मीदवारों के उतर जाने से मामला हो गया है दिलचस्प, उपेन्द्र कुशवाहा और एडी सिंह के बीच होगी टक्कर

By एस पी सिन्हा | Updated: March 6, 2026 17:20 IST2026-03-06T17:20:15+5:302026-03-06T17:20:19+5:30

दरअसल, विधानसभा के गणित ने इस चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है। भाजपा और जदयू के पास मौजूद विधायकों का संख्याबल चार उम्मीदवारों के निर्वाचन में लगभग पूरी तरह खर्च हो जाएगा।

The election for five Rajya Sabha seats from Bihar has taken a turn for the interesting with six candidates contesting, with Upendra Kushwaha and AD Singh set to be the main contender | बिहार से राज्यसभा के 5 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में छह उम्मीदवारों के उतर जाने से मामला हो गया है दिलचस्प, उपेन्द्र कुशवाहा और एडी सिंह के बीच होगी टक्कर

बिहार से राज्यसभा के 5 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में छह उम्मीदवारों के उतर जाने से मामला हो गया है दिलचस्प, उपेन्द्र कुशवाहा और एडी सिंह के बीच होगी टक्कर

पटना: बिहार से राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गलियारे में जबर्दस्त सरगर्मी बढ़ी हुई है। एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन, जदयू के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा नेता शिवेश कुमार राम के अलावा रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इसमें से चार नेताओं के निर्विरोध निर्वाचन को लेकर सियासी गलियारों में लगभग कोई शक नहीं है। लेकिन असली पेच और दिलचस्पी पांचवीं सीट पर आकर फंस गई है, जहां उपेंद्र कुशवाहा की राह आसान नहीं दिख रही। 

दरअसल, विधानसभा के गणित ने इस चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है। भाजपा और जदयू के पास मौजूद विधायकों का संख्याबल चार उम्मीदवारों के निर्वाचन में लगभग पूरी तरह खर्च हो जाएगा। ऐसे में अगर एनडीए को उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजना है, तो उसे कम से कम तीन बाहरी विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। वहीं दूसरी ओर महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेन्द्रधारी सिंह को जीत के लिए पूरे छह अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे। यही वजह है कि बिहार की राजनीति में इस वक्त छह विधायकों की अहमियत अचानक बहुत बढ़ गई है। 

दिलचस्प बात यह है कि ये विधायक फिलहाल किसी भी बड़े गठबंधन न तो एनडीए और न ही महागठबंधन के पाले में पूरी तरह खड़े नजर आ रहे हैं। ऐसे में राज्यसभा की पांचवीं सीट की चाबी अब इन्हीं के हाथ में मानी जा रही है। इन विधायकों में सबसे प्रमुख नाम अख्तरुल ईमान का है, जो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष भी हैं और पूर्णिया जिले की अमौर सीट से विधायक हैं। 

इसके अलावा मुर्शीद आलम (जोकीहाट), मो. तौसीफ आलम (बहादुरगंज), सरवर आलम और गुलाम सरवर जैसे एआईएमआईएम के विधायक भी इस सियासी समीकरण में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इसी कतार में एक और अहम नाम है सतीश कुमार यादव का, जो मायावती की पार्टी बसपा के बिहार में इकलौते विधायक हैं और कैमूर के चैनपुर से जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। कुल मिलाकर बिहार की राजनीति में इस वक्त पांचवीं राज्यसभा सीट को लेकर सियासी शतरंज बिछ चुकी है। 

अब सबकी निगाहें इन्हीं छह विधायकों पर टिकी हैं क्योंकि उनकी एक चाल तय करेगी कि दिल्ली के सदन में इस बार एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा पहुंचेंगे या महागठबंधन के अमरेन्द्रधारी सिंह। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि उपेन्द्र कुशवाहा और राजद उम्मीदवार अमरेन्द्रधारी सिंह में से कौन बाजी मारता है।

Web Title: The election for five Rajya Sabha seats from Bihar has taken a turn for the interesting with six candidates contesting, with Upendra Kushwaha and AD Singh set to be the main contender

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