दिल्ली हाईकोर्ट ने तमिल मीडिया हॉउस 'नक्कीरन' को ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाने को कहा

By रुस्तम राणा | Updated: March 19, 2026 16:49 IST2026-03-19T16:49:51+5:302026-03-19T16:49:51+5:30

ईशा फाउंडेशन ने आदेश का स्वागत किया और कहा कि किसी भी स्तर की मानहानि या सुनियोजित दुष्प्रचार मानव कल्याण के प्रयासों को डिगा नहीं पाएगा।

The Delhi HC directed the Tamil media house 'Nakkheeran' to remove defamatory content against the Isha Foundation and Sadhguru | दिल्ली हाईकोर्ट ने तमिल मीडिया हॉउस 'नक्कीरन' को ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने तमिल मीडिया हॉउस 'नक्कीरन' को ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाने को कहा

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए तमिल मीडिया हॉउस 'नक्कीरन’ मीडिया' को ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु के खिलाफ प्रकाशित मानहानिकारक वीडियो और लेखों को हटाने का निर्देश दिया। इस आदेश का स्वागत करते हुए ईशा फाउंडेशन ने कहा कि वह झूठ और दुर्भावनापूर्ण सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ अपनी कानूनी कार्यवाही जारी रखेगा।

यह मामला नक्कीरन द्वारा प्रकाशित वीडियो की एक श्रृंखला से जुड़ा है, जिनमें मानहानिकारक, अभद्र और अश्लील सामग्री थी और जिनके माध्यम से ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई थी। इसके जवाब में, फाउंडेशन ने 2024 में दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि का एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें ऐसी सामग्री को हटाने और भविष्य में इस तरह की सामग्री के प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

ईशा ने इस मामले में एक अंतरिम आवेदन दायर करके मुकदमे में उल्लिखित सामग्री के साथ-साथ, सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरण याचिका के दौरान प्रकाशित सामग्री को भी तुरंत हटाने और ऐसी सामग्री के आगे प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग की थी। इस आवेदन पर दिसंबर 2025 में सुनवाई हुई, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। आज यह आदेश जारी किया गया, जिसमें न्यायालय ने नक्कीरन द्वारा ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु के बारे में प्रकाशित विवादित वीडियो और लेखों को हटाने का निर्देश दिया है।

अपने बयान में ईशा फाउंडेशन ने कहा, “हम माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के इस अंतरिम आदेश का तहे दिल से स्वागत करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ मीडिया हॉउस और व्यक्ति जनता को गुमराह करने के एक सोचे-समझे इरादे के तहत, बिना किसी सबूत के, झूठे और मानहानिकारक आरोप फैलाना जारी रखे हुए हैं।”

“तीन दशकों से अधिक समय से, ईशा फाउंडेशन बड़े स्तर पर सामाजिक विकास और मानव खुशहाली के लिए पूरी तरह समर्पित है - एक ऐसा कार्य जिसने दुनिया भर में करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। यही वह कार्य है जिसे ये समन्वित हमले बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। ईशा इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सभी उचित कानूनी कार्यवाही जारी रखेगा। किसी भी स्तर की मानहानि या सुनियोजित दुष्प्रचार मानव खुशहाली के प्रति हमारे प्रयासों को डिगा नहीं पाएगा।”

Web Title: The Delhi HC directed the Tamil media house 'Nakkheeran' to remove defamatory content against the Isha Foundation and Sadhguru

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे