बिहार विधान परिषद में लोकतंत्र की मर्यादा हुई तार-तार, सदन में विपक्षी सदस्यों ने की एक दलित मंत्री के साथ गाली-गलौच और हाथापाई

By एस पी सिन्हा | Updated: February 10, 2026 16:34 IST2026-02-10T16:34:30+5:302026-02-10T16:34:35+5:30

दरअसल, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद के विधान पार्षद सुनील सिंह और मंत्री अशोक चौधरी के बीच जमकर भिडंत हो गई।

The decorum of democracy was shattered in the Bihar Legislative Council, where opposition members verbally abused and manhandled a Dalit minister | बिहार विधान परिषद में लोकतंत्र की मर्यादा हुई तार-तार, सदन में विपक्षी सदस्यों ने की एक दलित मंत्री के साथ गाली-गलौच और हाथापाई

बिहार विधान परिषद में लोकतंत्र की मर्यादा हुई तार-तार, सदन में विपक्षी सदस्यों ने की एक दलित मंत्री के साथ गाली-गलौच और हाथापाई

पटना: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के आज छठे दिन विधान परिषद में उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस दौरान लोकतंत्र की मर्यादा को तार-तार कर देने वाला नजारा देखा गया। सदन में विपक्षी सदस्यों ने एक दलित मंत्री के साथ गाली-गलौच और हाथापाई की। दरअसल, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद के विधान पार्षद सुनील सिंह और मंत्री अशोक चौधरी के बीच जमकर भिडंत हो गई। हालात को काबू में करने के लिए मार्शल बुलाए गए, जिन्होंने बीच-बचाव करते हुए सदस्यों को अलग किया। मार्शलों ने विपक्षी सदस्यों को हटाने की कोशिश की, जिस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

सभापति अवधेश नारायण सिंह और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी में भी नोकझोंक हुई। सभापति ने कहा कि सदन कार्यवाही करने के लिए है या भी हल्ला करने के लिए है। सभापति ने मार्शलों को निर्देश दिया कि हंगामा कर रहे सदस्यों को बाहर ले जाया जाए। आरोप है कि इस दौरान अशोक चौधरी ने सुनील सिंह से कहा कि तुम्हारी औकात क्या है”, जिस पर सुनील सिंह ने जवाब देते हुए उन्हें “नौटंकीबाज” तक कह दिया। दावा किया गया कि गाली-गलौज भी किया गया। सभापति के द्वारा विपक्ष को मार्शल आउट का आदेश दिए जाने के बाद भी हंगामा जारी रहा। राजद के सदस्य भी लगातार नारे लगाते हुए बेल में डटे रहे। स्थिति बिगड़ती देख सभापति ने कड़ी कार्रवाई करते हुए विपक्षी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर रहने का आदेश दे दिया। इसके बाद राबड़ी देवी भी सदन से बाहर निकल गईं। सभापति ने कहा कि मैं पूरे विपक्ष को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर जाने का आदेश देता हूं। जिसके बाद राबड़ी देवी ने कहा कि नहीं जाएंगे। 

वहीं, मंत्री दिलीप जायसवाल ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह विपक्ष के एक नेता ने एक दलित समाज से आने वाले मंत्री के साथ गाली-गलौज की, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं सदन में मौजूद थे और अपने काम के दौरान उन्होंने यह सब सुना। दिलीप जायसवाल ने आरोप लगाया कि आवेश में आकर विपक्ष के नेता ने मंत्री के लिए ऐसे गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिन्हें वह माइक पर भी नहीं दोहरा सकते। उन्होंने कहा कि यह एक दलित समाज के मंत्री का अपमान है और इस तरह के आचरण को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। 

उन्होंने मांग की कि संबंधित नेता को इस व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए और जब तक वह माफी नहीं मांगते, उन्हें सदन में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा एक लोकतांत्रिक स्थान है, न कि गाली-गलौज करने का मंच। दिलीप जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष के नेता अपनी सीट से उठकर मंत्री के पास आए और गाली-गलौज की, जिसे पूरा सदन देख रहा था। उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है और केवल सदन से बाहर निकल जाना ही समाधान नहीं है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो फुटेज मंगाई जाए और दोषियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाए।

Web Title: The decorum of democracy was shattered in the Bihar Legislative Council, where opposition members verbally abused and manhandled a Dalit minister

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