आंध्र प्रदेश पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए आईजी सुनील कुमार नायक को ट्रांजिट रिमांड की डिमांड को कोर्ट ने किया रिफ्यूज, पुलिस को लगाई फटकार
By एस पी सिन्हा | Updated: February 23, 2026 16:23 IST2026-02-23T16:23:39+5:302026-02-23T16:23:39+5:30
आंध्र प्रदेश पुलिस के पास ना गिरफ्तारी का वारंट था, न अपडेट केस डायरी। जिसके चलते कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और सीधे रिमांड को रिफ्यूज कर दिया। साथ ही साथ जो पुलिस अफसर बिना वर्दी कोर्ट पहुंचे थे, उन्हें कोर्ट ने बैठा लिया गया, इनमें आंध्र पुलिस के तीन कर्मी भी शामिल हैं।

आंध्र प्रदेश पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए आईजी सुनील कुमार नायक को ट्रांजिट रिमांड की डिमांड को कोर्ट ने किया रिफ्यूज, पुलिस को लगाई फटकार
पटना:बिहार में अग्निशमन विभाग के इंस्पेक्टर जनरल(आईजी) सुनील कुमार नायक को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आंध्र प्रदेश की पुलिस ट्रांजिट रिमांड की डिमांड को रिफ्यूज कर दिया है। एसीजेएम- 12 के कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगा दी। दरअसल, आंध्र प्रदेश पुलिस के पास ना गिरफ्तारी का वारंट था, न अपडेट केस डायरी। जिसके चलते कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और सीधे रिमांड को रिफ्यूज कर दिया। साथ ही साथ जो पुलिस अफसर बिना वर्दी कोर्ट पहुंचे थे, उन्हें कोर्ट ने बैठा लिया गया, इनमें आंध्र पुलिस के तीन कर्मी भी शामिल हैं।
आईजी सुनील कुमार नायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज है। यह मामला आंध्र प्रदेश के नरसापुरम से पूर्व सांसद के रघुराम कृष्णा राजू से जुड़ा है। पटना सेंट्रल एसपी भानु प्रताप ने बताया कि आंध्र प्रदेश की पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार करने पहुंची थी। इसके बावजूद भी पटना पुलिस ने विनम्रता के साथ सहयोग किया। कोर्ट में जब लाया गया तो कोर्ट ने आंध्र प्रदेश की पुलिस की अर्जी खारिज कर दी। यानी ट्रांजिट रिमांड को रिफ्यूज कर दिया।
इसके पहले आंध्र प्रदेश पुलिस ने सोमवार सुबह सुनील कुमार नायक को गिरफ्तार कर लिया था। सुबह में पुलिस ने सुनील कुमार नायक के सरकारी आवास में छापेमारी की थी। इस दौरान बिहार पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम उनके ठिकाने पर पहुंची और दस्तावेजों की जांच की और फिर उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया।
गिरफ़्तारी के बाद जब सुनील नायक को आंध्र प्रदेश की पुलिस टीम लेकर आवास से निकल रही थी तो बड़ी संख्या में होमगार्ड और फायर सर्विस के जवानों ने गाडी को रोकने की कोशिश की। मामला आंध्र प्रदेश में 2021 के एक पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसकी जांच दोबारा शुरू होने के बाद कार्रवाई तेज हुई है।
बता दें कि सुनील कुमार नायक बिहार कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और फिलहाल अग्निशमन विभाग में आईजी के पद पर तैनात हैं। वे 2019 से 2023 तक आंध्र प्रदेश में डेपुटेशन पर रहे थे और उस दौरान सीआईडी में डीआईजी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। साल 2021 में आंध्र प्रदेश के तत्कालीन विधानसभा के उपसभापति के. रघुरामा कृष्णा राजू को सीआईडी ने हिरासत में लिया था। उस समय वे वायएसआरसीपी से सांसद थे।
उन्होंने आरोप लगाया था कि सीआईडी कस्टडी के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जरूरी दवाइयां नहीं दी गईं। यह मामला उस समय काफी चर्चा में रहा. बाद में राजनीतिक हालात बदले और 2025 में टीडीपी की सरकार बनने के बाद इस केस की जांच फिर से शुरू की गई।
बताया जाता है कि प्रकाशम जिले के पुलिस अधीक्षक ए.आर. दामोदर, जो इस मामले के जांच अधिकारी हैं, ने इससे पहले दो बार सुनील नायक को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। जुलाई 2024 में राजू की शिकायत पर पुलिस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी सहित कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज की थी।
प्राथमिकी में तत्कालीन सीआईडी प्रमुख, खुफिया प्रमुख और अन्य अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। सुनील कुमार नायक 2019 में प्रतिनियुक्ति पर आंध्र प्रदेश गए थे और डीआईजी, सीआईडी के रूप में कार्यरत रहे। वर्ष 2023 में वे वापस बिहार लौट आए और वर्तमान में आईजी (फायर सर्विसेज) के पद पर कार्य कर रहे हैं।