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शीर्ष न्यायालय ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान आयोग संबंधी याचिका पर केन्द्र से मांगा जवाब

By भाषा | Updated: January 7, 2021 21:41 IST

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नयी दिल्ली, सात जनवरी उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की कथित मनमाने तरीके से नियुक्तियां करने और इसमें सुन्नी मुसलमानो तथा ईसाई सदस्यों को शामिल नही करने को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की याचिका पर बृहस्पतिवार को केन्द्र को नोटिस जारी किया।

न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा की पीठ ने जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई के बाद केन्द्र को नोटिस जारी किया।

धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक समुदायों को अपनी पसंद की शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और उसका प्रशासन करने का मौलिक अधिकार प्रदान करने संबंधी अनुच्छेद 30 (1) के प्रावधान के अनुरूप ही 2006 में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग कानून बनाया गया था।

अधिवक्ता वजीह शफीक के माध्यम से दायर इस याचिका में केन्द्रीय शिक्षा सचिव को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि आयोग से सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों के स्थान पर सदस्य नियुक्त किये जायें।

याचिका के अनुसार, ‘‘याचिकाकर्ता चाहते हैं कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाये रखने के लिये राष्ट्रीय अधिकरण आयोग में चयन और नियुक्तियों के लिये प्रधान न्यायाधीश द्वारा गठित की जाने वाली समिति की सिफारिशों पर यह न्यायालय राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति करने का निर्देश दे। ’’

कानून के तहत इस आयोग में एक अध्यक्ष और तीन सदस्य होंगे जिनकी नियुक्तियां केन्द्र सरकार करेगी।

यह आयोग उसके पास अल्पसंख्यकों की शिक्षा से संबंधित भेजे गये सवालों पर या स्वत: ही अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं से संबंधित मुद्दों पर केन्द्र सरकार या किसी भी राज्य सरकार को सलाह देता है

याचिका में आरोप लगाया गया है कि हालिया समय में आयोग के चार पदाधिकारियों में सुन्नी मुसलमान और ईसाई समुदाय के एक भी सदस्य की नियुक्त नहीं की गयी है। याचिका में आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नाम भी दिये गये हैं।

इसके अनुसार बलजीत सिंह मान को चार दिसंबर, 2015 को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया और उनका कार्यकाल तीन दिसंबर, 2020 को पूरा हो गया। इसी तरह, आयोग में शिया मुसलमान नाहिद नबी को नियुक्त किया गया था जिनका कार्यकाल छह दिसंबर,2020 को पूरा हो गया।

याचिका के अनुसार आयोग के तीसरे सदस्य जसपाल सिंह की नियुक्ति पांच जून, 2018 को हुयी थी और वह 14 जून, 2023 तक इस पद पर रहेंगे।

इस मुस्लिम संस्था के अनुसार न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन को एक अक्टूबर, 2018 को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया वह 30 सितंबर, 2023 तक इस पद पर रहेंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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