'संभल में नमाजियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें प्रशासन, इसमें कोई बाधा उत्पन्न करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो': इलाहाबाद हाईकोर्ट

By राजेंद्र कुमार | Updated: March 16, 2026 18:23 IST2026-03-16T18:23:07+5:302026-03-16T18:23:07+5:30

हाई कोर्ट ने आदेश में कहा है कि प्रशासन सभी नमाज पढ़ने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. अगर नमाज पढ़ने में कोई बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. इलाहाबाद हाई कोर्ट का यह फैसला संभल प्रशासन को एक बार फिर झटका साबित हुआ है. 

'The administration must ensure the safety of worshippers in Sambhal; legal action should be taken against anyone creating obstacles in this regard': Allahabad High Court | 'संभल में नमाजियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें प्रशासन, इसमें कोई बाधा उत्पन्न करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो': इलाहाबाद हाईकोर्ट

'संभल में नमाजियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें प्रशासन, इसमें कोई बाधा उत्पन्न करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो': इलाहाबाद हाईकोर्ट

लखनऊ: जैसी उम्मीद की जा रही थी, इलाहाबाद हाईकोर्ट से वैसा ही फैसला आया. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संभल प्रशासन के मस्जिद में 20 लोगों को नमाज पढ़ने के आदेश को रद्द कर दिया है. हाई कोर्ट ने आदेश में कहा है कि प्रशासन सभी नमाज पढ़ने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. अगर नमाज पढ़ने में कोई बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. इलाहाबाद हाई कोर्ट का यह फैसला संभल प्रशासन को एक बार फिर झटका साबित हुआ है. 

इससे पहले सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने संभल के एसपी और डीएम को कड़ी फटकार लगाई थी और संभल प्रशासन पर तल्ख टिप्प्णी करते हुए उन्हें अपनी ड्यूटी का एहसास कराया है. कोर्ट ने यह भी कहा था कि संभल एसपी और डीएम अगर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर सकते तो इस्तीफा दे दें या फिर तबादला करवा लें. कोर्ट के इस रुख को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही थी कि सोमवार को संभल प्रशासन के मस्जिद में 20 लोगों को नमाज पढ़ने के आदेश को रद्द कर देगा और यही हुआ भी.  

दरअसल, पिछले दिनों संभल प्रशासन की ओर से एक मस्जिद में 20 लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत दी गई थी. संभल प्रशासन ने सुरक्षा का मसला बताते हुए नमाज को सीमित करने का आदेश दिया था. प्रशासन के इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में मुनाजिर खान की ओर से रिट सी याचिका दाखिल की गई. इस याचिका में कहा गया कि गाटा संख्या 291 पर रमजान के दौरान नमाज अदा करने से रोका जा रहा है. हाई कोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई. 

बीते दिनों हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने मस्जिद में मुस्लिम नमाजियों की संख्या सीमित करने के स्थानीय प्रशासन के फैसले पर सख्त रुख अपनाया. कोर्ट ने संभल प्रशासन के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि नमाजियों की संख्या कैसे तय की जा सकती है. यह सवाल करते हुए कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि यह राज्य का कर्तव्य है कि वह ये सुनिश्चित करे कि हर परिस्थिति में कानून का राज कायम रहे.

यह दावा करते हुए कोर्ट ने संभल के एसपी और डीएम को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर वह कानून-व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर सकते तो इस्तीफा दे दें या फिर तबादला करवा लें. सोमवार को इस मामले में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच ने संभल प्रशासन के मस्जिद में 20 लोगों को नमाज पढ़ने के आदेश को रद्द कर दिया है. 

हाई कोर्ट ने आदेश में कहा है कि प्रशासन सभी नमाज पढ़ने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. अगर नमाज पढ़ने में कोई बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.

Web Title: 'The administration must ensure the safety of worshippers in Sambhal; legal action should be taken against anyone creating obstacles in this regard': Allahabad High Court

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