लाइव न्यूज़ :

तेलंगाना में बड़ा सवालः क्या सोनिया गांधी करा पाएंगी राहुल गांधी के सपने को साकार?

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: November 24, 2018 11:27 IST

तेलंगानाः पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों को मिले मतों का हिस्सा तेलंगाना राष्ट्र समिति (तेरास) के मत प्रतिशत से अधिक था। सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति को 2014 के विधानसभा चुनाव में 34.3 फीसदी वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस और तेदेपा को क्रमश: 25.2 और 14.7 फीसदी वोट मिले थे।

Open in App

तेलंगाना में जिस बात पर जोरदार चर्चा चल रही है वह यह है कि राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व में बने महागठबंधन के घटक दल क्या अपना-अपना वोट एक-दूसरे को दिला पाएंगे। इसी को साधने के लिए खुद सोनिया गांधी ने अपने हाथों में कमान ले ली है। हालांकि महागठबंधन का सपना राहुल गांधी का माना जाता है। लेकिन दूसरे राज्यों में उनकी व्यस्तताओं को देखते हुए सोनिया खुद इस राज्य में प्रचार के लिए आ रही हैं। ऐसे में यह सवाल बड़ा बनता जा रहा है कि क्या सोनिया गांधी महागठबंधन को यहां कोई ठोस रूप दे पाएंगी?

राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों को मिले मतों का हिस्सा तेलंगाना राष्ट्र समिति (तेरास) के मत प्रतिशत से अधिक था। सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति को 2014 के विधानसभा चुनाव में 34.3 फीसदी वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस और तेदेपा को क्रमश: 25.2 और 14.7 फीसदी वोट मिले थे। तेदेपा का पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन था। अमित शाह नीत पार्टी सात दिसंबर को होने वाले तेलंगाना विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में है। तेरास भी अकेले ही चुनाव लड़ रही है।

कांग्रेस, तेदेपा, तेलंगाना जन समिति (तेजस) और भाकपा ने तेरास से मुकाबला करने के लिए ‘प्रजाकुटामी’ (जनता का गठबंधन) बनाया है। तेलंगाना के लिए कांग्रेस प्रभारी आर। सी। खुंटिया ने कहा कि ‘विवशता’ के चलते गठबंधन के घटक दलों एक साथ गए हैं और वह उम्मीद करते हैं कि गठबंधन टीआरएस से मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करेगा।

केसीआर से खुश नहीं लोग: कांग्रेस

कांग्रेस नेता खुंटिया ने कहा, ‘‘ तेरास और केसीआर (कार्यवाहक मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव) ने जिस तरह से राज्य को चलाया उससे लोग बहुत नाखुश हैं। वे उन्हें (केसीआर) सत्ता से बाहर कर देना चाहते हैं।’’ कांग्रेस और तेदेपा को पिछले चुनाव में मिले मतों के प्रतिशत का हवाला देते हुए तेदेपा पोलित ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य रावुला चंद्रशेखर रेड्डी ने कहा कि भाकपा और टीजेएस के साथ आने से गठबंधन ‘बहुत मजबूत’ है। रेड्डी के अनुसार गठबंधन के घटक दलों के एक-दूसरे के वोट निश्चित रूप से मिलेंगे क्योंकि यह ‘अवश्यंभावी’ है।

टॅग्स :विधानसभा चुनावतेलंगाना चुनावसोनिया गाँधी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतSonia Gandhi health update: सिस्टमिक इन्फेक्शन के लिए एंटीबायोटिक्स से इलाज?, मां को देखने सर गंगा राम अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी

भारत48 वर्षों तक कांग्रेस का मुख्यालय?, 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड स्थित कार्यालयों को 28 मार्च तक खाली करने का नोटिस, जानिए इतिहास?

भारतअब कैसी हैं सोनिया गांधी की तबीयत? अचानक सीने में दर्द की शिकायत के चलते अस्पताल में हुई भर्ती

भारतबहुमत का कर्त्तव्य भी बनता है अल्पमत को संरक्षण दे?, देश के 5 राज्यों में चुनाव की घोषणा?

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं