तेजस्वी यादव ने एक वीडियो शेयर कर बोला मुख्यमंत्री पर तीखा हमला, कहा- नीतीश कुमार एंड डीके कंपनी संगठित भ्रष्टाचार की लूट मचाते हैं
By एस पी सिन्हा | Updated: February 15, 2026 17:49 IST2026-02-15T17:49:05+5:302026-02-15T17:49:05+5:30
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस तस्वीर को दिखाकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से इसे बिहार में अधूरे विकास के दावों की हकीकत बताकर नीतीश सरकार को घेरा है।

तेजस्वी यादव ने एक वीडियो शेयर कर बोला मुख्यमंत्री पर तीखा हमला, कहा- नीतीश कुमार एंड डीके कंपनी संगठित भ्रष्टाचार की लूट मचाते हैं
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा प्रगति यात्रा के क्रम में किशनगंज जिले में सफेद पर्दा को हटाकर एक अधूरे ब्रिज को देखने का वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने उनके बिहार में विकास के दावों पर सवाल उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस तस्वीर को दिखाकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से इसे बिहार में अधूरे विकास के दावों की हकीकत बताकर नीतीश सरकार को घेरा है।
तेजस्वी यादव ने बिहार में डीके टैक्स का फिर से जिक्र किया है। साथ ही ऐसे अधूरे निर्माण कार्य क्यों होते हैं इसे लेकर भी तेजस्वी ने बड़ा दावा किया है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फोटो के साथ लिखा है कि 'प्रगति सह दुर्गति यात्रा में रेड कॉर्पेट पर चलकर 20 वर्षों के मुख्यमंत्री दूधिया पर्दों के बीच से “अदृश्य प्रगति” को ढूंढते हुए। बिहार में नीतीश कुमार एंड डीके कंपनी ने संगठित भ्रष्टाचार की लूट मचाते हुए कहीं-कहीं ऐसे दिखावटी अर्धनिर्मित ढांचे तथा फर्जी कागज़ों पर लकीरें खींच कर 5000 से अधिक पुल-पुलिया बनवा दिए है जिनका कोई “पहुंच पथ” नहीं है। अधिकांश ऐसे पुल-पुलिया खेतों के बीच मही अधर में लटके रहते है।
तेजस्वी यादव ने आगे लिखा हैं कि 'ऐसे पुलों का नाजुक वक़्त में टेंडर प्रक्रिया पूरी करा कर कार्यारंभ कराने का नाटक रचाया जाता है ताकि बारिश और बाढ़ का सीजन आ जाए है। फिर बारिश में गिने-चुने वो अर्धनिर्मित पुल-पुलिया ढह जाते है तथा बाक़ी बचे पुल-पुलिया (जो कागजों में बन चुके होते है) को फिर फ्लड डैमेज रोड्स एंड ब्रिजेज में गिनकर दुबारा फ्रेश टेंडर प्रक्रिया में भेज दिया जाता है। ऐसे में हज़ारों करोड़ की संस्थागत लूट अनवरत चलती रहती है और इस लूट के सरग़ना है एनके और डीके।'