तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कहा- एक भी संगीत शिक्षक नहीं, लेकिन खरीदे गए 158.44 करोड़ के वाद्य-यंत्र

By एस पी सिन्हा | Updated: April 12, 2026 16:33 IST2026-04-12T16:32:09+5:302026-04-12T16:33:05+5:30

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा है कि बिहारवासियों को जानकर घोर आश्चर्य होगा कि बिहार के 76,000 से अधिक प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में एक भी संगीत शिक्षक नहीं हैं, लेकिन भ्रष्ट जदयू- भाजपा सरकार ने संगीत के वाद्य-यंत्रों की खरीद पर 158.44 करोड़ खर्च कर दिए।

Tejashwi Yadav leveled serious allegations of corruption against the state's NDA govt over musical instruments worth ₹158.44 crore | तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कहा- एक भी संगीत शिक्षक नहीं, लेकिन खरीदे गए 158.44 करोड़ के वाद्य-यंत्र

तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कहा- एक भी संगीत शिक्षक नहीं, लेकिन खरीदे गए 158.44 करोड़ के वाद्य-यंत्र

पटना:बिहार की सियासत में सत्ता हस्तांतरण को लेकर जारी हलचल के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिक्षा व्यवस्था और सरकारी खर्च को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने राज्य की एनडीए सरकार में अंधकार, अराजकता, नैतिकता और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा पार करने का दावा किया है। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफा के पहले राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए रविवार को तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा है कि बिहारवासियों को जानकर घोर आश्चर्य होगा कि बिहार के 76,000 से अधिक प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में एक भी संगीत शिक्षक नहीं हैं, लेकिन भ्रष्ट जदयू- भाजपा सरकार ने संगीत के वाद्य-यंत्रों जैसे सितार, सरोद, सारंगी, वाइलिन, बांसुरी, शहनाई, हारमोनियम, शंख, तबला, ढोलक, डमरू, घंटा इत्यादि की खरीद पर 158.44 करोड़ खर्च कर दिए।

उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि ना ही विद्यालयों के शिक्षकों ने इन उपकरणों की मांग की थी और ना ही उन्हें इसके उपयोग का कोई प्रशिक्षण दिया गया है। स्पष्ट है कि विद्यालयों में म्यूजिक टीचर उपलब्ध न होने के कारण ये वाद्य-यंत्र बजाने के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार रूपी म्यूजियम में सजाने के लिए खरीदे गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘बिना मांगे मोती मिले, मांगे मिले न भीख’ को इतनी सहजता से एनडीए सरकार चरितार्थ कर रही है जबकि शिक्षक अभ्यर्थी बेसब्री से वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं। 

हैरानी की बात है कि बिहार के विद्यालयों में म्यूजिक शिक्षक की कितनी रिक्तियां हैं, भाजपा-जदयू की सरकार के पास वर्तमान में कोई आंकड़ा नहीं है। बिना शिक्षक के स्कूलों में वाद्य-यंत्रों का क्या उपयोग है? क्या इन्हें केवल धूल फांकने और खराब होने के लिए खरीदा गया है? 

वहीं, सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा दोनों उप मुख्यमंत्री पर बड़ा हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि ईमानदारी और सुशासन का चोला पहने मुख्यमंत्री और दो-दो उपमुख्यमंत्री जवाब दें कि बिना शिक्षक बहाली किए, बिना एक भी संगीत शिक्षक के, ये सैंकड़ों करोड़ के वाद्य-यंत्रों को क्या भ्रष्टाचार का बाजा बजाने के लिए खरीदा गया है? 

उन्होंने कहा कि इनकी खरीद में इतनी हड़बड़ी व अपारदर्शिता से स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं कि क्या एनडीए के मंत्रियों और अधिकारियों ने अपने-अपने हिस्से के कमीशन को सेट करने के लिए इन वाद्य-यंत्रों की खरीदी की है? वैसे भी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी सरकार और विभाग के लिए ये कोई बड़ी बात नहीं है! बिहारवासियों के साथ विश्वासघात कर तंत्र और यंत्र से बनी सरकार का तंत्र अब ऐसे यंत्र से ही अपना मेहनतनामा वसूलेगा। 

तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यह स्थिति “बिना मांगे मोती मिले, मांगे मिले न भीख” जैसी हो गई है। एक तरफ शिक्षक अभ्यर्थी लंबे समय से बहाली का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर इस तरह के खर्च कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास यह तक का स्पष्ट आंकड़ा नहीं है कि राज्य में संगीत शिक्षकों की कितनी रिक्तियां हैं।

Web Title: Tejashwi Yadav leveled serious allegations of corruption against the state's NDA govt over musical instruments worth ₹158.44 crore

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