लाइव न्यूज़ :

अनामिका है बेरोजगार, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार चुका रही है उसको लाखों का वेतन, जानिए क्या है पूरा मामला

By शीलेष शर्मा | Updated: June 11, 2020 17:40 IST

योगी आदित्यनाथ सरकार के स्कूली शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी को आखिर स्वीकार करना पड़ा कि घोटाला चल रहा है। उन्होंने स्वीकारा कि अनामिका शुक्ला के नाम पर फर्ज़ी दस्तावेज़ देकर नियुक्तियां की गयीं हैं.

Open in App
ठळक मुद्देउत्तर प्रदेश में एक अनामिका शुक्ला दसियों जिलों में एक ही समय में बतौर शिक्षका नियुक्त की गई. गोण्डा की अनामिका शुक्ला बेरोजगार है, उसके पास प्रथम श्रेणी की डिग्रियां हैं लेकिन नौकरी किसी और के पास है.

नई दिल्लीः भाजपा सरकार में मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाला अब तक अख़बारों की सुर्ख़ियों में था लेकिन देश के सबसे बड़े आबादी वाले प्रदेश उत्तर प्रदेश ने शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर घोटालों की दौड़ में मध्य प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है। उत्तर प्रदेश में एक अनामिका शुक्ला दसियों जिलों में एक ही समय में बतौर शिक्षका नियुक्त की जाती है और लाखों रुपये वेतन हर महीने अनामिका शुक्ला को भुगतान भी किया जाता है।

हैरत इस बात की है कि गोण्डा की अनामिका शुक्ला बेरोजगार है, उसके पास प्रथम श्रेणी की डिग्रियां हैं लेकिन नौकरी किसी और के पास है जो फर्ज़ी अनामिका शुक्ला बनकर दलालों की मदद से हर माह वेतन उठा रही है, यह खुलासा स्वयं अनामिका शुक्ला ने जब किया तो प्रदेश में हा हाहाकार मच गया। 

प्रियंका गांधी ने नियुक्तियों को लेकर खोला मोर्चा

मंत्रियों की कुर्सियां हिलने लगीं, इसकी आंच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक जा पहुंची क्योंकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने इन नियुक्तियों को लेकर मोर्चा खोल दिया। सोशल मीडिया में सवालों की झड़ी लगा कर प्रदेश सरकार को बोलने पर मज़बूर कर दिया। योगी सरकार के स्कूली शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी को आखिर स्वीकार करना पड़ा कि घोटाला चल रहा है। उन्होंने स्वीकारा कि अनामिका शुक्ला के नाम पर फर्ज़ी दस्तावेज़ देकर वाराणसी,अलीगढ़, कासगंज, अमेठी, रायबरेली, प्रयागराज, सहारनपुर जैसे ज़िलों में अनामिका के नाम पर नियुक्तियां की गयीं हैं। 

प्रियंका का दावा, बड़े-बड़े होंगे बेनकाब 

प्रियंका का आरोप है कि यह तो घोटाले की बानगी है। इसका पैमाना इतना बड़ा है कि खुल गया तो बड़े बड़े नाम बेनक़ाब हो जायेंगे। प्रियंका ने आज फिर ट्वीट किया " लाखों युवाओं ने परीक्षा दी ,लाखों ने नौकरी की आस लगाई ,लाखों ने साल भर इंतज़ार किया। भाजपा सरकार की नाक तले ये महा घोटाला सिस्टम में बैठे लोगों की सांठ गांठ से होता रहा। साल भर इसे दबाये रखा। दरअसल प्रियंका पूरे मामले की न्यायिक जाँच पर अड़ी हैं ताकि व्यापम घोटाले की तरह यह दवा न दिया जाये.

टॅग्स :कांग्रेसउत्तर प्रदेशयोगी आदित्यनाथ
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

ज़रा हटकेVIRAL: बुलडोजर पर सवार होकर पहुंची विधायक, वायरल हुआ अनोखा अंदाज

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल