सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना केस किया बंद, राफेल डील पर दी मोदी सरकार को राहत
By विनीत कुमार | Updated: November 14, 2019 11:13 IST2019-11-14T09:58:10+5:302019-11-14T11:13:43+5:30

सुप्रीम कोर्ट के आज बड़े फैसले, लाइव अपडेट (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश संबंधी मामलों को लेकर पुनर्विचार याचिका पर फैसला देते हुए इसे 7 जजों की बेंच के पास भेज दिया है। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने 3-2 से ये फैसला सुनाया। वहीं, दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे में सरकार को क्लीन चिट देने के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है। ये नरेंद्र मोदी सरकार के लिए बड़ी राहत है। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ अवमामना मामले में भी कांग्रेस नेता को राहत दी है। कोर्ट ने राहुल के खिलाफ अवमानना केस बंद कर दिया है। साथ ही हिदायत भी दी कि वे भविष्य में कोर्ट की बातों का उल्लेख करने के दौरान ज्यादा सावधानी बरतेंगे।
14 Nov, 19 : 11:08 AM
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथी ही कोर्ट ने राहुल गांधी को हिदायत दी कि अगली बार कोर्ट की बातों का उल्लेख करते हुए उन्हें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। कोर्ट ने केस भी बंद किया। ये केस मीनाक्षी लेखी की ओर से किया गया था।
The Supreme Court says “Mr Rahul Gandhi needs to be more careful in future” for attributing to the court his remarks. https://t.co/MjG0POUVfj
— ANI (@ANI) November 14, 2019
14 Nov, 19 : 11:02 AM
सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील पर पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किया।
Supreme Court dismisses Rafale review petitions against its December 14, 2018 judgement upholding the 36 Rafale jets' deal. pic.twitter.com/DCcgp4yFiH
— ANI (@ANI) November 14, 2019
14 Nov, 19 : 10:58 AM
सबरीमाला मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- महिलाओं का प्रवेश का मामला केवल इस मंदिर तक सीमित नहीं है। इसमें महिलाओं के मस्जिद और पारसी मंदिर में एंट्री का मामला भी है।
#SabarimalaTemple review petitions in Supreme Court:
— ANI (@ANI) November 14, 2019
Chief Justice of India, said, "the entry of women into places of worship is not limited to this temple, it is involved in the entry of women into mosques and Parsi temples." https://t.co/ha1jh4JPxl
14 Nov, 19 : 10:51 AM
सबरीमाला मंदिर मामले में फैसले के दौरान जस्टिस आर एफ नरिमन और जस्टिस धनंजय वाई चन्द्रचूड़़ ने असमति व्यक्त की।
Supreme Court, by a majority of 3:2, has referred the review petitions to a larger constitution bench. Justice Rohinton Fali Nariman and Justice DY Chandrachud gave dissent judgement. #Sabarimalahttps://t.co/xBcxf6bFeV
— ANI (@ANI) November 14, 2019
14 Nov, 19 : 10:48 AM
सबरीमाला मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- महिलाओं का प्रवेश का मामला केवल इस मंदिर तक सीमित नहीं है। इसमें महिलाओं के मस्जिद में एंट्री का मामला भी है।
#SabarimalaTemple review petitions in Supreme Court: Chief Justice of India says, "The entry of women into places of worship is not limited to this temple only. It is also involved in the entry of women into mosques." pic.twitter.com/ETyxOodhHC
— ANI (@ANI) November 14, 2019
14 Nov, 19 : 10:46 AM
सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर के मामले को बड़ी बेंच को भेजा, 3:2 के बहुमत से फैसला
Supreme Court refers to larger bench, the review petitions against the verdict allowing entry of women of all age groups in the #SabarimalaTemple. pic.twitter.com/IC6qH6FmUF
— ANI (@ANI) November 14, 2019
14 Nov, 19 : 10:13 AM
राफेल मामले पर फैसला
सुप्रीम कोर्ट राफेल सौदे पर सरकार को क्लीन चिट देने के अपने निर्णय पर पुनर्विचार की मांग कर रही याचिकाओं पर आज फैसला सुनाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री - यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी और कार्यकर्ता-वकील प्रशांत भूषण समेत कुछ अन्य की याचिकाओं पर फैसला सुनाएगी जिनमें पिछले साल के 14 दिसंबर के उस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गयी है जिसमें फ्रांस की कंपनी ‘दसॉल्ट’ से 36 लड़ाकू विमान खरीदने के केंद्र के राफेल सौदे को क्लीन चिट दी गयी थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के. एम. जोसफ की पीठ ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले पर 10 मई को सुनवाई पूरी की थी।
14 Nov, 19 : 10:02 AM
सुबह 10.30 बजे सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है। सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की आयु की महिलाओं का प्रवेश वर्जित है। इसी संबंध में इसे असंवैधानिक और लैंगिक तौर पर पक्षपातपूर्ण करार देते हुए 28 सितंबर, 2018 को तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 4-1 से फैसला सुनाया था।