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मालदीव में सोशल मीडिया पोस्ट, भारतीय राजनयिकों को निशाना बनाने वाले लेखों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया

By भाषा | Updated: July 2, 2021 22:07 IST

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नयी दिल्ली, दो जुलाई भारतीय राजनयिकों को लक्षित करने वाले स्थानीय मीडिया में कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और लेखों को लेकर मालदीव में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है। इस देश के मंत्रालय के साथ-साथ एक प्रमुख राजनीतिक दल ने ऐसी खबरों की निंदा करते हुए कहा कि झूठे आरोप लगाने और इस तरह की सामग्री का प्रकाशन दशकों पुराने संबंधों को प्रभावित करता है।

मालदीव के एक समाचार पोर्टल में एक खबर में कहा गया है कि देश की संसद ने मालदीव मीडिया काउंसिल (एमएमसी) से भारतीय उच्चायोग और उसके राजनयिकों पर ‘‘द्वेषपूर्ण’’ लेखों को देखने का अनुरोध किया है। भारत ने मालदीव सरकार के समक्ष इस मामले को उठाया है और माले में तैनात भारतीय राजनयिकों की गरिमा को धूमिल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

माले में भारतीय उच्चायोग ने एक संदेश में मालदीव के विदेश मंत्रालय से अपने राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया और कहा कि कि प्रेरित हमले राजनयिक संबंधों पर वियना कन्वेंशन के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

मालदीव के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि उसने मालदीव में विदेशी राजदूतों, मिशनों और राजनयिकों पर झूठे आरोप लगाते हुए स्थानीय मीडिया पर बार-बार प्रकाशित लेखों पर ध्यान दिया है। इसमें कहा गया है कि इन कार्रवाइयों से मालदीव के मित्र राष्ट्रों के साथ दशकों से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंध प्रभावित होते हैं और इन देशों के प्रति स्थानीय आबादी में घृणा पैदा होती है।

मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां राजनयिकों के जीवन को खतरे में डालती हैं और उनके काम में बाधा डालती हैं। उसने कहा कि राजनयिक संबंधों पर वियना कन्वेंशन को जोड़ने से राजनयिकों को दी जाने वाली छूट और विशेषाधिकार मिलते हैं। इसने कहा कि यह स्थानीय मीडिया से अंतरराष्ट्रीय संधियों का सम्मान करने और इस तरह से रिपोर्ट करने का अनुरोध करता है कि मालदीव और अन्य देशों के बीच संबंध प्रभावित नहीं हो।

मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने एक बयान में कहा कि वह मालदीव में भारतीय राजनयिकों के बारे में ‘‘अपमानजनक और गलत’’ टिप्पणियों वाली हालिया खबरों से बहुत चिंतित है। एमडीपी ने मीडिया आउटलेट से मालदीव के राजनयिक भागीदारों और सहयोगियों को अपने ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध’’ में घसीटने से बचने का आग्रह किया।

एक मीडिया ब्रीफिंग में इस मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने केवल मालदीव के विदेश मंत्रालय और एमडीपी के बयानों का उल्लेख किया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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