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ड्रोन शो के जरिये पेश की गयी आजादी के संघर्ष की गाथा

By भाषा | Updated: December 20, 2021 20:55 IST

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लखनऊ, 20 दिसंबर भारत की आजादी का अमृत महोत्सव मना रही उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ में सोमवार की शाम 'अब तक के सबसे बड़े ड्रोन शो' का आयोजन करके प्रथम भारतीय स्वाधीनता संग्राम 1857 से लेकर 1947 तक की शौर्यगाथा को आकर्षक रूप से पेश किया।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव और चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के तहत लखनऊ में 1857 की प्रथम क्रांति की साक्षी बनी रेज़िडेन्सी में एक साथ 500 ड्रोन के माध्यम से संगीत और लेजर लाइट की आकर्षक प्रस्तुति दी गयी। केन्द्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अब तक के इस सबसे बड़े ड्रोन शो के गवाह बने।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, ‘‘हम सभी आजादी के अमृत महोत्सव के साथ पूरे देश को जोड़ने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं। आज रेजिडेन्सी में हम इस अभूतपूर्व ड्रोन शो के साक्षी बने।’’

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के स्वतंत्रता संग्राम का प्रमुख केन्द्र था। उन्होंने कहा कि बलिया, झांसी, गोरखपुर, मेरठ, लखनऊ और देश के अलग-अलग स्थानों पर एक साथ क्रांति की ज्वाला फूटी थी। उन्होंने कहा कि अगर कहीं मंगल पांडेय थे तो कहीं रानी लक्ष्मीबाई थीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1857 में जो स्वतंत्रता की अलख जगी वह निरन्तर जलती रही और 90 वर्ष बाद अंग्रेजों को देश छोड़ना पड़ा।

योगी ने कहा, ‘‘यह आजादी अचानक नहीं मिली। कहीं पर चौरी-चौरा की ऐतिहासिक घटना होती है तो कहीं पर काकोरी जैसी क्रांतिकारी घटना होती है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वर्ष 1918 से 1927 के बीच भी एक महामारी आयी थी। तब करोड़ों लोग मारे गये थे। गांव के गांव, कस्बे के कस्बे उस महामारी की चपेट में आ गये थे। सरकार ने कोई सुध नहीं ली थी। कोई पूछने वाला नहीं था और एक इस सदी की सबसे बड़ी महामारी को कोरोना के दौरान भारत के बेहतरीन प्रबन्धन को पूरी दुनिया ने देखा और सराहा है।’’

उन्होंने केन्द्रीय संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी का स्वागत करते हुए कहा कि संस्कृति मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश की क्षमता को पहचानने और उसे देश और दुनिया के सामने रखने का जो अभिनव कार्य विगत सात वर्षों में शुरू किया है, उसमें उत्तर प्रदेश देश में हृदयस्थल के रूप में दिख रहा है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक केन्द्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय और उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए रूस से 500 ड्रोन मंगाये गये थे।

रेजीडेन्सी में आयोजित ड्रोन शो देश में अब तक का सबसे बड़ा ऐसा आयोजन रहा। इससे पहले वर्ष 2020 में मुम्बई में 250 ड्रोन का और प्रयागराज कुम्भ में 100 ड्रोन का प्रदर्शन किया गया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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