सपा के पीडीए का मतलब पारिवारिक दल एलायंस: यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी

By रुस्तम राणा | Updated: December 23, 2025 18:02 IST2025-12-23T18:02:05+5:302025-12-23T18:02:48+5:30

पार्टी मुख्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए पंकज चौधरी का मुख्य अटैक सपा के पीडीए फार्मूले पर ही था. शायद इसकी ही तैयारी कर के वह आए थे, इसकी लिए उन्होने मीडियाकर्मियों के कई सवालों की अनदेखी की.

SP's PDA stands for Family Party Alliance: UP BJP State President Pankaj Chaudhary | सपा के पीडीए का मतलब पारिवारिक दल एलायंस: यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी

यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के नौ दिन बाद पंकज चौधरी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत की

लखनऊ:उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष बनने के नौ दिन बाद पंकज चौधरी मंगलवार को मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) फार्मूले को आड़े हाथों लिया. उन्होने कहा कि सपा का पीडीए कोई स्थायी सामाजिक गठबंधन नहीं. बल्कि सपा के पीडीए का मतलब पारिवारिक दल एलायंस है. यह पारिवारिक दलों का गठजोड़ है, जो समय और राजनीतिक लाभ के अनुसार लगातार बदलता रहता है. सपा जब सत्ता में रही, तब पीडीए की मूल भावना को कभी गंभीरता से नहीं अपनाया गया. जब आजम खान जैसे प्रभावशाली नेता सपा में मौजूद थे और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया, उस समय पार्टी ने पीडीए संतुलन का कोई ध्यान नहीं रखा. जबकि भाजपा में आवश्यकता के अनुसार लोगों को पद मिलता है.  

सपा का पीडीए धोखा है : पंकज 

यहां पार्टी मुख्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए पंकज चौधरी का मुख्य अटैक सपा के पीडीए फार्मूले पर ही था. शायद इसकी ही तैयारी कर के वह आए थे, इसकी लिए उन्होने मीडियाकर्मियों के कई सवालों की अनदेखी की. इनमें से एक सवाल यह भी था कि क्या वह केंद्र सरकार के वित्त राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा देंगे. 

इस सवाल का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और यह कहने लगे कि  समाजवादी पार्टी आज पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक की बात जरूर करती है, लेकिन उसका व्यवहार हमेशा चुनिंदा परिवारों और नेताओं तक सीमित रहा है. सपा का पीडीए केवल चुनावी मौसम में सामने आता है और चुनाव बीतते ही उसका स्वरूप बदल जाता है. सपा मुखिया का यह रुख यह दर्शाता है कि सपा के लिए पीडीए कोई विचारधारा नहीं, बल्कि राजनीतिक मजबूरी है. 

अब प्रदेश की जनता सपा की इस राजनीति को समझ चुकी है. जनता जान चुकी है कि सपा का पीडीए धोखा है और सपा पीडीए के नाम पर केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है, जबकि भाजपा सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर ईमानदारी से काम कर रही है. भाजपा की राजनीति सेवा, संगठन और समर्पण पर आधारित है, जहां कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ हैं. 
 
पार्टी कार्यकर्ता मेरे लिए सर्वोपरि : पंकज 

यह दावा करने के साथ ही पंकज चौधरी ने पार्टी के  सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की बात भी कही. यह भी कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता उनके लिए सर्वोपरि हैं और संगठन को मजबूत करना उनकी पहली प्राथमिकता है. यह कार्य वह कैसे करेंगे? इसका खुलासा उन्होने नहीं किया और पार्टी के आगामी तीन प्रमुख कार्यक्रमों की चर्चा की. उन्होने कहा कि उनका पहला बड़ा कार्यक्रम आगामी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती का है. 

इसी दिन से 31 दिसंबर तक सुशासन सप्ताह मनाया जाएगा, जिसके तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों में अटल स्मृति कार्यक्रम आयोजित होंगे. दूसरा कार्यक्रम वीर बाल दिवस से जुड़ा है, जिसमें गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की वीरता की गाथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी. इसके तहत स्कूलों में बच्चों को इस गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया जाएगा. 

तीसरा कार्यक्रम चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित है. जिसमें भाजपा कार्यकर्ता मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने में चुनाव आयोग का पूरा सहयोग कर रहे हैं. इन तीन कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए पंकज चौधरी ने यह संकेत किया कि भाजपा ने अभी से 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर काम करने में जुट गई है. जिसके बारे में वह नए साल में चर्चा करेंगे. 

Web Title: SP's PDA stands for Family Party Alliance: UP BJP State President Pankaj Chaudhary

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