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मतदान के दूसरे चरण में छिटपुट हिंसा, कार्रवाई न करने को लेकर आयोग पर भड़कीं ममता

By भाषा | Updated: April 1, 2021 17:15 IST

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नंदीग्राम/कोलकाता, एक अप्रैल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे दौर में छिटपुट हिंसा के बीच भारी मतदान देखने को मिल रहा है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके द्वारा की गई शिकायतों पर कार्रवाई न करने को लेकर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा है।

हाई प्रोफाइल नंदीग्राम समेत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में छिटपुट हिंसा और मामूली झड़प की घटनाएं सामने आई हैं। नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं और उनका मुकाबला कभी उनके सहयोगी रहे शुभेंदु अधिकारी से है जो भाजपा के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ रहे हैं।

नाराज बनर्जी ने कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद निर्वाचन आयोग द्वारा उन पर कार्रवाई न करने को लेकर उसे आड़े हाथों लिया और इस मुद्दे पर अदालत जाने की धमकी दी। शिकायतों में “बूथ कब्जाने” और बोयल में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान के आरोप भी हैं।

नंदीग्राम के बोयल में बूथ नंबर-7 के बाहर बैठी ममता बनर्जी ने कहा, “हम सुबह से 63 शिकायतें दर्ज करा चुके हैं। लेकिन एक पर भी कार्रवाई नहीं हुई। हम इसे लेकर अदालत जाएंगे। यह अस्वीकार्य है। निर्वाचन आयोग अमित शाह के निर्देश के मुताबिक काम कर रहा है।” ममता की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि यहां कई मतदाता अपना वोट नहीं डाल पाए।

ममता ने कहा, “अन्य राज्यों के गुंडे यहां अराजकता फैला रहे हैं।”

बनर्जी ने स्थिति के बारे में शिकायत करने के लिये पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भी फोन किया। धनखड़ ने इसके ठीक बाद ट्वीट किया, “ममता बनर्जी द्वारा फोन पर कुछ समय पहले उठाए गए मुद्दों से संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।”

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा, “दूसरे चरण में जिन 30 सीटों पर मतदान चल रहा है वहां दोपहर बाद एक बजे तक 58 प्रतिशत मतदान दर्ज किया जा चुका है।”

अपराहन तीन बजे तक इन सीटों पर मतदान का प्रतिशत 71.07 हो गया था।

अधिकारियों ने बताया कि जिन सीटों पर आज विधानसभा चुनाव हो रहा है उनमें पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर जिलों की नौ-नौ सीटें, बांकुड़ा की आठ और दक्षिण 24 परगना की चार सीटें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर कोविड-19 संबंधी प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।

छिटपुट हिंसा और बूथ ‘जाम’ किये जाने की खबरों के बीच स्थिति का जायजा लेने के लिये नंदीग्राम में बनर्जी और अधिकारी दोनों ने ही विभिन्न मतदान बूथों का दौरा किया। बूथ ‘जाम’ दरअसल किसी पार्टी के कार्यकर्ताओं की लंबी कतार लगाकर मतदाताओं को मतदान बूथ से बाहर रखने की कोशिश को कहा जाता है।

चौंकाने वाली बात यह है कि संभावित हिंसा को रोकने के लिये नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में धारा-144 लगाई गई थी।

नंदीग्राम के बोयल इलाके में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने उन्हें मतदान बूथ तक जाने से रोका।

जैसे ही बनर्जी बोयल पहुंचीं भाजपा समर्थकों ने “जय श्री राम” का नारा लगाना शुरू कर दिया।

यहां भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच कथित तौर पर हिंसा हुई क्योंकि टीएमसी नेता गांव के बूथ नंबर सात पर पुन: मतदान कराने की मांग कर रहे थे।

कथित तौर पर पथराव की घटना के बीच स्थिति को नियंत्रित करने के लिये मौके पर पुलिस और त्वरित कार्य बल को भेजा गया।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने हालांकि आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा, “आरोप निराधार हैं। ऐसा लगता है कि उन्होंने हार स्वीकार कर ली है।”

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि वे शिकायतों को देखेंगे। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्वी मेदिनीपुर के इस निर्वाचन क्षेत्र में दोपहर बाद एक बजे तक करीब 57 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे।

टीएमसी के एक निर्वाचन एजेंट की मां को निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से गुहार लगाते हुए देखा गया कि वे उनके बेटे से मतदान बूथ पर जाने को न कहें क्योंकि उसे “विपक्षी दलों द्वारा बीती रात धमकी दी गई है।”

प्रदर्शनकारियों ने नंदीग्राम के ब्लॉक-1 में केंद्रीय बलों द्वारा उन्हें मतदान केंद्रों तक नहीं जाने देने का आरोप लगाते हुए रास्ता जाम किया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “शुभेंदु अधिकारी के साथ आए सीआरपीएफ कर्मियों ने हमें मत डालने से रोका।”

दूसरी तरफ शुभेंदु अधिकारी जब विधानसभा क्षेत्र में बूथ का दौरा कर रहे थे तो उनकी कार पर हमला किया गया और पथराव किया गया।

नंदीग्राम के ताकापुरा और सतेंगाबाड़ी में पथराव की दो अलग-अलग घटनाएं हुईं।

विभिन्न स्थानों पर उनकी गाड़ी का घेराव हुआ और टीएमसी समर्थकों ने भाजपा नेता के खिलाफ नारेबाजी की। इलाके में गश्त कर रहे सुरक्षा बलों ने भीड़ को हटाया।

अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, “मुझे टीएमसी के गुंडों के ऐसे प्रदर्शन की आदत हो गई है। वे सभी ममता बेगम (ममता बनर्जी) के समर्थक हैं। दो मई को नतीजे आने तक वो जो भी करना चाहते हैं उन्हें करने दीजिए।”

इसबीच केशपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार तन्मय घोष के वाहन में कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों द्वारा तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

इन 30 सीटों पर 75 लाख से अधिक मतदाता 191 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। मतदान शाम साढ़े छह बजे समाप्त होगा।

दक्षिण 24 परगना के गोबाबा इलाके में भी टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प की खबर है। जबकि महिसादल सीट पर टीएमसी ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं को मतदान केंद्र जाने से रोका।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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