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कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा सदस्यों ने किया सदन से बहिर्गमन

By भाषा | Updated: March 1, 2021 15:53 IST

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लखनऊ, एक मार्च उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सोमवार को सपा सदस्यों ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बहिर्गमन किया।

सपा सदस्यों ने कार्य स्थगन की सूचना (नोटिस) के जरिए प्रदेश की कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए सदन का बाकी काम रोककर इस पर चर्चा कराए जाने की मांग की।

सूचना में आरोप लगाया गया कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार आई है तब से कानून का राज खत्म हो गया है, सरकार के संरक्षण में अपराधी बेखौफ होकर आपराधिक वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

जौनपुर और एटा में सपा नेताओं की हत्या का जिक्र करते हुए सूचना में कहा गया कि यह प्रदेश की ध्वस्त कानून-व्यवस्था का ज्वलंत उदाहरण है।

सपा सदस्य आनंद भदौरिया ने सूचना की ग्राह्यता पर बल देते हुए कहा उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम है। खासकर विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। सिर्फ सपा ही नहीं बल्कि भाजपा के विरोध में जो भी हो, उसे निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "सरकार रोज सुबह-शाम जीरो टॉलरेंस की माला जपती है लेकिन यह सारी बातें हवा हवाई हैं। हत्या बलात्कार की खबरें रोजाना अखबारों की सुर्खियों में हैं।"

नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि वह भदौरिया के विचारों से सहमत हैं, यह सही है कि भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई है तब से लगातार सपा के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है। ऐसा मालूम होता है कि बदमाश पूरी तरह बेखौफ हो गए हैं। उनका मनोबल बढ़ा हुआ है और पुलिस का मनोबल रसातल में पहुंच गया है।

नेता सदन दिनेश शर्मा की अनुपस्थिति में उनके दायित्व का निर्वहन कर रहे जल शक्ति मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह ने इस मुद्दे पर कहा कि कि सपा सदस्यों ने जो भी आरोप लगाए हैं वह सत्य से परे हैं एवं वर्तमान में उत्तर प्रदेश की कानून की तारीफ़ पूरे देश में हो रही है।

उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति पहले उत्तर प्रदेश का नाम सुनकर भागता था वह अब इस राज्य में निवेश के लिए आना चाहता है, बड़े बड़े निवेशक अब प्रदेश में निवेश करना चाहते हैं, राज्य में कानून का राज पूरी तरह स्थापित है।

सिंह ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सपा सरकार में दंगाइयों को हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री आवास लाया जाता था, दंगा करने वालों को संरक्षण दिया जाता था। दंगाइयों को संरक्षण देने वाले लोग, आतंकवादियों को छोड़ने वाले लोग, 100 बड़े दंगे कराने वाले लोग आज उत्तर प्रदेश में व्याप्त अमन और शांति को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं इसलिए इस तरह का मिथ्या का आरोप लगा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने हर घटना में कड़ी कार्रवाई की है और इसमें कोई भी भेदभाव नहीं किया गया है।

सिंह ने कहा कि सपा के राज में मुजफ्फरनगर, मऊ, मेरठ और फैजाबाद के दंगे तथा निठारी कांड जैसी अनेक घटनाएं हुईं, यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र ने भी कहा कि उत्तर प्रदेश की स्थिति इराक और सीरिया से भी बदतर है।

मंत्री के इस बयान से असंतुष्ट होकर सपा के सभी सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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