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एक व्यक्ति, एक पद की नीति चली तो कांग्रेस को होगा फायदा!

By प्रदीप द्विवेदी | Updated: August 14, 2019 08:02 IST

राजस्थान के पूर्व मंत्री , वरिष्ठ विधायक भंवरलाल शर्मा का कहना था कि पार्टी नेता राहुल गांधी का अनुसरण करें और जिन नेताओं के पास एक से अधिक पद हैं, वे इस्तीफा दें. वे चाहें तो संगठन का पद छोड़ें या फिर मंत्री का पद छोड़ें. लेकिन, जिन्हें पद नहीं छोड़ना है, उनके पास उनके अपने तर्क हैं. खबरें हैं कि अब, इस संबंध में कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व भी गंभीरता से विचार कर रहा है.

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ठळक मुद्देसोनिया गांधी ने एक बार फिर से कांग्रेस की कमान अपने हाथ में ले ली हैकांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व भी गंभीरता से विचार कर रहा है.

राजस्थान सहित कुछ प्रदेशों में एक व्यक्ति, एक पद की नीति के लिए आवाजें लगातार उठ रही हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस में एक व्यक्ति-एक पद की नीति लागू हो गई तो इससे कांग्रेस को बड़ा फायदा हो सकता है. उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले राजस्थान में मंत्री टीकाराम जूली ने कांग्रेस के अलवर जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.

इसके बाद कांग्रेस में एक बार फिर- एक व्यक्ति, एक पद की सियासी चर्चा गर्मा गई. जूली का कहना था कि- एक व्यक्ति के पास एक ही पद होना चाहिए, इसलिए मंत्री पद होने के कारण जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. लेकिन, कितने नेता इस नीति से सहमत रहेंगे, कहना इसलिए मुश्किल है कि राजस्थान में ही एक दर्जन से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं के पास एक से अधिक पद हैं.

राजस्थान के पूर्व मंत्री , वरिष्ठ विधायक भंवरलाल शर्मा का कहना था कि पार्टी नेता राहुल गांधी का अनुसरण करें और जिन नेताओं के पास एक से अधिक पद हैं, वे इस्तीफा दें. वे चाहें तो संगठन का पद छोड़ें या फिर मंत्री का पद छोड़ें. लेकिन, जिन्हें पद नहीं छोड़ना है, उनके पास उनके अपने तर्क हैं. खबरें हैं कि अब, इस संबंध में कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व भी गंभीरता से विचार कर रहा है.

कई वरिष्ठ नेताओं के पास है एक से अधिक पद:

इस वक्त उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, राजस्थान- सचिन पायलट, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष, राष्ट्रीय महासचिव- गुलाम नबी आजाद, मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मध्य प्रदेश- कमलनाथ सहित आधा दर्जन से ज्यादा बड़े नेता एकाधिक पदों पर हैं. श्रीमती सोनिया गांधी ने एक बार फिर से कांग्रेस की कमान अपने हाथ में ले ली है, इसलिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी में जिम्मेदारियों के विकेंद्रीकरण के नजरिए से एक व्यक्ति, एक पद की नीति लागू हो पाती है या नहीं!

टॅग्स :कांग्रेसराजस्थानभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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