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सोनभद्र हत्याकांड: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज उम्भा गांव में आदिवासी परिवारों से करेंगी मुलाकात

By भाषा | Updated: August 13, 2019 08:31 IST

सोनभद्र में जमीनों का विवाद वर्ष 1955 से शुरू हुआ, जब कांग्रेस सरकार के दौरान ग्राम समाज की जमीन को एक निजी सोसायटी को पट्टा कर दिया गया था। कांग्रेस सरकार के दौरान सोनभद्र ही नहीं, प्रदेश के कई इलाकों में जमीनों की संस्थागत लूट हुई है।

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ठळक मुद्देप्रियंका ने पूर्व में भी उम्भा जाने का प्रयास किया था, जहां गोण्ड समुदाय के 10 लोगों की नृशंस हत्या कर दी गयी थी इस बीच, भाजपा ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सोनभद्र में हुई जमीन की धांधलियों के लिए प्रियंका को माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उम्भा गांव का दौरा कर पिछले महीने नरसंहार में मारे गए आदिवासियों के परिवार वालों से मुलाकात करेंगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रियंका गांधी आज (13 अगस्त)को उम्भा पहुंचेंगी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रियंका के दौरे और उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन तैयारियां कर रहा है।

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस महासचिव पीड़ित परिवारों से मिलने के अलावा उम्भा में हो रहे विकास कार्यों के बारे में आदिवासी समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगी। वह घटना के बाद राज्य सरकार की ओर से आदिवासियों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों के बारे में भी जानकारी हासिल करेंगी।

गोण्ड समुदाय के 10 लोगों की नृशंस लोगों की हत्या

प्रियंका ने पूर्व में भी उम्भा जाने का प्रयास किया था, जहां गोण्ड समुदाय के 10 लोगों की नृशंस हत्या कर दी गयी थी लेकिन प्रशासन ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया था। प्रशासन ने उन्हें उम्भा जाते समय रास्ते में मिर्जापुर में ही हिरासत में ले लिया था। उन्हें चुनार के किले में रात भर रखा गया। अगली सुबह आदिवासी समुदाय के लोगों ने प्रियंका से चुनार के किले में ही मुलाकात की।

इस बीच, भाजपा ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सोनभद्र में हुई जमीन की धांधलियों के लिए प्रियंका को माफी मांगनी चाहिए। प्रियंका को अगर जनता की समस्याओें से ईमानदारी से सरोकार होता तो वह कांग्रेस सरकार के दौरान हुई जमीनों की धांधलियों पर पश्चाताप करतीं। चंद्रमोहन ने कहा कि प्रियंका का सोनभद्र दौरा कांग्रेस की ओछी राजनीति का एक उदाहरण है।

जानिए कब से शुरू था विवाद

उन्होंने कहा कि सोनभद्र में जमीनों का विवाद वर्ष 1955 से शुरू हुआ, जब कांग्रेस सरकार के दौरान ग्राम समाज की जमीन को एक निजी सोसायटी को पट्टा कर दिया गया था। कांग्रेस सरकार के दौरान सोनभद्र ही नहीं, प्रदेश के कई इलाकों में जमीनों की संस्थागत लूट हुई है।

इस मुद्दे से जनता का ध्यान बंटाने के लिए ही प्रियंका सोनभद्र में उम्भा गांव में हुई दुखद घटना के पीड़ितों से मिलने का नाटक कर रही हैं। प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस केवल लूट की राजनीति ही करना जानती है। कांग्रेस की इस लूट में सपा और बसपा भी बराबर के भागीदार हैं। 

टॅग्स :प्रियंका गांधीमिर्जापुरउत्तर प्रदेश
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