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आरएसएस को जानने की समाज की उत्सुकता बढ़ी है : मनमोहन वैद्य

By भाषा | Updated: March 19, 2021 20:02 IST

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बेंगलुरु, 19 मार्च राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह-सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने शुक्रवार को कहा कि संघ को जानने की समाज की उत्सुकता बढ़ी है।

उन्होंने संघ में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) की यहां दो दिवसीय वार्षिक बैठक शुरू होने के अवसर पर यह बात कही।

वैद्य ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान सेवा और राम मंदिर अभियान ने भारतीय समाज की जीवटता और सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित किया है।

संघ के सह-सरकार्यवाह ने कहा कि महामारी के दौरान समाज की सहभागिता और राम मंदिर निधि समर्पण अभियान के दौरान देश में प्रकट की गई एकजुटता को लेकर आभार जताने के लिए एबीपीएस प्रस्ताव पारित करेगा।

वैद्य ने कहा, ‘‘कोरोना काल में और श्रीराम मंदिर के लिए जनसंपर्क अभियान में ध्यान में आया कि संघ को जानने की समाज में उत्सुकता बढ़ी है। ’’

उन्होंने यहां एबीपीएस से अलग संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि संघ से जुड़ना चाह रहे लोगों की संख्या बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जोड़ने और अगले तीन साल में संघ के कार्य का विस्तार कर एक बेहतर समाज का निर्माण करने पर भी इस बार एबीपीएस में चर्चा की जाएगी।

बैठक की शुरूआत होने के अवसर पर आरएसएस सर संघचालक मोहन भागवत और इसके मौजूदा सर कार्यवाह सुरेश भैय्याजी जोशी भी उपस्थित थे।

बैठक में करीब 450 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसमें शनिवार को सरकार्यवाह का चुनाव भी होना है।

सर कार्यवाह जोशी(73) का यह इस पद पर चौथा कार्यकाल है। प्रत्येक कार्यकाल तीन साल का होता है।

ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि यदि जोशी अगला कार्यकाल नहीं चाहेंगे, तो चुनाव में सह-सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले को चुना जा सकता है। वह कर्नाटक से हैं।

वैद्य ने कहा, ‘‘कोरोना (वायरस महामारी) के कारण पिछले साल मार्च माह से जून तक संघ का कार्य पूर्ण रूप से बंद था, शाखाएं बंद थीं। जुलाई से धीरे-धीरे शाखाएं लगनी प्रारंभ हुई थीं। हालांकि, संघ के स्वयंसेवक सक्रिय थे। इस आपदा में समाज की सहायता के लिए पहले दिन से ही देशभर में स्वयंसेवक सक्रिय थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना काल में स्वयंसेवकों ने देशभर में सेवा भारती के माध्यम से 92,656 स्थानों पर सेवा कार्य किए, इसमें 5,60,000 कार्यकर्ता सक्रिय रहे। 73 लाख राशन किट वितरित किए गये, 4.5 करोड़ लोगों को भोजन पैकेट वितरित किए गए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘देश में 58,500 मंडलों में से 40 प्रतिशत में प्रत्यक्ष शाखा है और 20 प्रतिशत में संपर्क है। आने वाले तीन वर्षों में सभी मंडलों तक संघ का कार्य पहुंचे, ऐसा हमारा प्रयास रहेगा। ’’

गौरतलब है कि एक मंडल में 10 से 12 गांव होते हैं।

वैद्य ने राम मंदिर निधि समर्पण अभियान के बारे में कहा, ‘‘राम मंदिर केवल एक मंदिर नहीं है, श्रीराम भारत की संस्कृति का परिचय हैं, चरित्र हैं।

राम मंदिर निधि समर्पण अभियान के दौरान मकानों पर निशान लगाने के आरोपों के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा और आरोप निराधार हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘...हम हर किसी को अपना मानते हैं, चाहे वह चंदा दें या नहीं दें।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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