लाइव न्यूज़ :

सिद्धरमैया ने बिटक्वाइन घोटाले को लेकर प्रधानमंत्री से सवाल किया

By भाषा | Updated: November 12, 2021 17:37 IST

Open in App

बेंगलुरु, 12 नवंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने शुक्रवार को जानना चाहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री को यह कहना ‘सही’ है कि वह राज्य में कथित बिटक्वाइन घोटाले के संबंध में आरोपों को नजरअंदाज करें।

विधानसभा में विपक्ष के नेता ने अपने ट्वीट में इस मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों को दंडित करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया, ‘‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री को मामले की जांच कराने एवं बेगुनाही साबित करने के लिए कहने के बजाय, प्रधानमंत्री के लिए यह कहना कैसे सही है कि वह इन आरोपों की अनदेखी करें। क्या प्रधानमंत्री एकतरफा तय कर सकते हैं कि वह क्या चाहते हैं।’’

सिद्धरमैया ने कहा कि केंद्रीय एवं राज्य की एजेंसियां इस बिटक्वाइन घोटाले की जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ बोम्मई वर्तमान मुख्यमंत्री हैं तथा वह पिछली बी एस येदियुरप्पा सरकार में गृह मंत्री थे। जांच के इस चरण में मुख्यमंत्री से आरोपों को नजरअंदाज करने की सलाह देकर क्या प्रधानमंत्री उनसे जांच रोक देने को कह रहे हैं?’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ हमें नहीं पता है कि बोम्मई इस बिटक्वाइन घोटाले में शामिल हैं या नहीं। हम जो कह रहे हैं, वह यह है कि इसकी उपयुक्त जांच की जाए एवं दोषियों को दंडित किया जाए। नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री से इसकी अनदेखी करने को क्यों कह रहे हैं?’’

नयी दिल्ली में बृहस्पतिवार को मोदी से भेंट करने के बाद बोम्मई ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने उन्हें इस मुद्दे की परवाह नहीं करने और पूरे समर्पण एवं ईमानदारी से काम करने की सलाह दी है।

बोम्मई ने कहा था, ‘‘ इस पर (बिटक्वाइन मुद्दे) पर बिल्कुल चर्चा नहीं हुई। वैसे जब मैंने इसे उठाने की कोशिश की, तब उन्होंने (मेादी ने) इस मुद्दे की परवाह नहीं करने और लोगों के लिए पूरे त्याग एवं समर्पण से काम करने की सलाह दी। ’’

पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से सवाल किया था कि क्या प्रधानमंत्री के साथ भेंट के दौरान बिटक्वाइन मुद्दे पर चर्चा हुई।

पिछले कुछ समय से इस घोटाले में राजनीतिक रूप से कुछ प्रभावी लोगों के शामिल होने की अटकलें सामने आ रही हैं। सीसीसबी ने शहर के हैकर श्रीकृष्णा उर्फ श्रीकी से नौ करोड़ रूपये के बिटक्वाइन जब्त किये हैं। श्रीकृष्णा पर सरकारी पोर्टलों की हैकिंग करने, डार्कनेट के जरिए मादक पदार्थ मंगाने और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से उसका भुगतान करने का भी आराप है।

सत्तारूढ़ भाजपा एवं विपक्षी कांग्रेस ने एक-दूसरे के नेताओं पर इसमें शामिल होने के आरोप लगाये हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल

क्राइम अलर्टTamil Nadu: 6 साल बाद मिला न्याय! पिता-पुत्र की हिरासत में मौत केस में 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड

विश्वVIDEO: पनामा नहर के पास ब्लास्ट, आसमान में दिखा धुएं का गुबार, कई घायल

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन! क्या भारत में महंगा हो गया पेट्रोल और डीजल? जानें

क्राइम अलर्टकोई इतना अमानवीय और क्रूर कैसे हो सकता है?

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे