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मोटर साइकिल पर बैठकर गांव-गांव पहुंचे शिवराज सिंह चौहान, गड़बड़ करने पर एमपी सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

By राजेंद्र पाराशर | Updated: December 23, 2018 18:19 IST

चुनाव में मिली हार के बाद अब शिवराज सिंह चौहान संगठन की बिना अनुमति के आभार यात्रा निकालते नजर आ रहे हैं। वे शुक्रवार को राज्य के मंडीदीप से लेकर खंडवा तक पहुंचे और लोगों का आभार माना।

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मध्यप्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान को लोग मामा से पहले पांव-पांव वाले भैया के रुप में पहचानते थे। वे अब जबकि चुनाव हार गए और अपने गृह जिले सीहोर में लोगों की बीच पहुंचे तो उनका अंदाज निराला ही नजर आया। शिवराज सिंंह किसी गांव में बाइक के पीछे बैठकर लोगों के बीच पहुंचे तो कहीं पर लोगों ने उन्हें कंधे पर बैठाकर उनका हौंसला बढ़ाते हुए यह संदेश दिया कि आज भी वे उनके साथ हैं।

चुनाव में मिली हार के बाद अब शिवराज सिंह चौहान संगठन की बिना अनुमति के आभार यात्रा निकालते नजर आ रहे हैं। वे शुक्रवार को राज्य के मंडीदीप से लेकर खंडवा तक पहुंचे और लोगों का आभार माना। इसी दौर को जारी रखते हुए आज शिवराज सिंह चौहान अपने गृह जिले सीहोर के कई ग्रामों में पहुंचे और लोगों का आभार मानते रहे। सीहोर जिले के ग्राम आमडोह में तो वे मोटर साइकिल पर सवार होकर पहुंचे। लोगों ने जब तीन साल रहे मुख्यमंत्री को मोटर साइकिल के पीछे सवार होकर उनके पास आते देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रखा। वहीं बच्चे तो उनकी मोटर साइकिल के आसपास दौड़ लगाते नजर आए। ग्राम आमडोह के अलावा वे सुबह ग्राम ढाबा भी पहुंचे।

 उन्होंने लोगों के बीच पहुंचकर कहा कि यहां के निवासियों के चेहरे पर प्रसन्नता देख कर मेरी आत्मा भी प्रसन्न हो गई। आपके हितों, गरीब कल्याण और किसानों को उचित दाम के लिए मैं संघर्ष करता रहूंगा। कांग्रेस की सरकार ने जरा-सा भी गड़बड़ी करने की कोशिश की तो ऐसा आंदोलन करूंगा की पूरी सरकार हिल जाएगी। मेरा जीवन जनता के लिए है, अंतिम सांस तक आपकी सेवा करता रहूंगा।

इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान ग्राम सुरई पहुंचे, जहां पर लोगों ने उन्हें जब अपने बीच पाया तो युवाओं ने भैया संबोधित कर उन्हें अपने कंधे पर बैठा लिया। इस गांव में भी शिवराज सिंह चौहान मोटर साइकिल पर सवार होकर पहुंचे थे। आज उनके साथ उनके पुत्र कार्तिकेय भी लोगों के बीच पहुंचे।

 हार की चिंता नहीं, जुटे अगले मिशन में

कांग्रेस की सरकार पांच साल चलेगी या नहीं और टाइगर जिंदा है जैसे बयान देकर शिवराज सिंह ने जहां विरोधियों को चौकाया, वहीं वे संगठन में भी चिंता खड़ी कर रहे हैं। शनिवार को पदाधिकारियों की बैठक में वे अलग-थलग नजर आए। पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने उन्हें हार के लिए फिर से जिम्मेदार ठहराया और उनके बयान माई के लाल को गलत बताया। अपने ही नेताओं की नाराजगी झेलने के बाद शिवराज सिंह चौहान लगातार जनता के बीच आम आदमी की छवि बनाने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले दिनों वे ट्रेन से ही बीना पहुंचे और लोगों के साथ खूब सेल्फी ली। इसके बाद सड़क यात्रा कर गांव-गांव पहुंच रहे हैं।

भाजपा में जहां हार की हताशा है तो हमेशा वन मेन आर्मी रहे शिवराज के चेहरे पर हार की कोई चिंता नहीं है और वह अगले मिशन में जुट गए हैं, शिवराज की यह सक्रियता कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बन गयी है।

सड़कों पर निकले, जाने हालचाल

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसके पूर्व शनिवार की देर रात कड़कड़ाती सर्दी में राजधानी भोपाल की सड़कों पर आम जनता का हालचाल जानने निकले। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने एक जगह अलाव ताप रहे आमजनों के साथ बैठकर बीतचीत की और उनकी समस्याओं को जाना।

इसके साथ ही वह गरीब-बेसहारा लोगों के लिए बनाए गए रैन बसेरों में भी लोगों की कुशलक्षेम पूछने पहुंचे। सूबे के पूर्व मुखिया को इस तरह अपने बीच पाकर वहां आराम कर रहा मजबूर तबके के लोग गदगद हो गए। वे करीब 15 मिनट यहां रुकने के बाद शिवराज भोपाल के ही न्यू मार्केट इलाके में बने रैन बसेरे की ओर जाने लगे तो सुल्तानिया अस्पताल के बाहर एक शख्स ने उन्हें रोका और सेल्फी लेनी की जिद करने लगा। शिवराज ने उसे निराश भी नहीं किया।

टॅग्स :विधानसभा चुनावशिवराज सिंह चौहानभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कमलनाथ
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