'एयर पॉवर को मजबूत बनाने में आत्मनिर्भरता और कुशल रखरखाव अहम' : मेंटेनेंस कमांड के प्रमुख एयर मार्शल यल्ला उमेश का कथन
By फहीम ख़ान | Updated: May 11, 2026 20:54 IST2026-05-11T20:54:25+5:302026-05-11T20:54:25+5:30
नागपुर में वायुसेना के मुख्यालय मेंटेनेंस कमांड और सेंटर फॉर एयर पाॅवर एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को नागपुर स्थित मुख्यालय मेंटेनेंस कमांड में संयुक्त एयरोस्पेस पावर सेमिनार आयोजित किया गया.

'एयर पॉवर को मजबूत बनाने में आत्मनिर्भरता और कुशल रखरखाव अहम' : मेंटेनेंस कमांड के प्रमुख एयर मार्शल यल्ला उमेश का कथन
नागपुर : वायुसेना के एयर मार्शल यल्ला उमेश, वीएसएम, पीएचडी, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, मेंटेनेंस कमांड ने कहा है कि मजबूत रखरखाव व्यवस्था और स्वदेशी क्षमताओं का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा तथा ऑपरेशनल तैयारी के लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि एयरोस्पेस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना समय की आवश्यकता है, जिससे बाहरी निर्भरता कम होगी और मिशन क्षमता मजबूत होगी.
नागपुर में वायुसेना के मुख्यालय मेंटेनेंस कमांड और सेंटर फॉर एयर पाॅवर एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को नागपुर स्थित मुख्यालय मेंटेनेंस कमांड में संयुक्त एयरोस्पेस पावर सेमिनार आयोजित किया गया. ‘कुशल रखरखाव और आत्मनिर्भरता : एयर पाॅवर के सक्षम आधार’ विषय पर आयोजित इस एकदिवसीय सेमिनार में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, रक्षा विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस समय वे बोल रहे थे.
सेमिनार में आधुनिक रखरखाव प्रणालियों, नई तकनीकों, स्वदेशीकरण, रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता और नीति संबंधी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई. सीएपीएसएस और भारतीय वायुसेना के विशेषज्ञों ने एयर पाॅवर को मजबूत बनाने के लिए रखरखाव रणनीतियों और स्वदेशी रक्षा उत्पादन के महत्व पर अपने विचार साझा किए. कार्यक्रम के माध्यम से रणनीतिक विशेषज्ञों और सैन्य अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय तथा ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला. समापन सत्र में एयरोस्पेस रखरखाव और क्षमता विकास के क्षेत्र में नवाचार तथा सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया.