लाइव न्यूज़ :

जम्मू कश्मीर के राजौरी में संदिग्ध आतंकवादियों का पता लगाने के लिए तलाश अभियान जारी

By भाषा | Updated: September 12, 2021 10:38 IST

Open in App

जम्मू, 12 सितंबर सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार से आतंकवादियों की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद रविवार को जम्मू कश्मीर में राजौरी जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में घेराबंदी और तलाश अभियान चलाया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि तलाश अभियान जारी है लेकिन अब तक संदिग्ध आतंकवादियों से सामना नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार रविवार तड़के मांजाकोट में बरोटे गली के वन इलाके में और थानामंडी के हिस्सों में पुलिस तथा सेना ने संयुक्त अभियान शुरू किया।

जम्मू क्षेत्र के राजौरी और पुंछ जिलों में इस साल जून से घुसपैठ की कोशिशों में इजाफा देखा गया है और मुठभेड़ की अलग-अलग घटनाओं में नौ आतंकवादी मारे जा चुके हैं।

पहले के अभियानों में तीन जवानों की भी जान चली गई।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबास्केटबॉल हुप पर पुल-अप्स कर रहे थे समुद्री इंजीनियरिंग संस्थान में 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा?, बैकबोर्ड गिरने से मौत

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?

क्राइम अलर्ट27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या

क्रिकेटएक था जो विकेट के पीछे?, जितेश शर्मा के शानदार प्रदर्शन के बाद आरसीबी ने धोनी पर किया कटाक्ष, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतमुंबई में IIMCAA कनेक्शन्स मीट, फिल्म निर्माता मनोज मौर्य की सिल्वर जुबली सम्मान से सम्मानित

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां