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दिल्ली में 19 महीने बाद आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूल खुले

By भाषा | Updated: November 1, 2021 15:19 IST

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नयी दिल्ली, एक नवंबर राष्ट्रीय राजधानी में करीब 19 महीने बाद सोमवार को आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए कई स्कूल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुल गए। कोविड-19 के कारण मार्च 2020 से स्कूलों में कक्षाएं बंद कर दी गई थीं। नौंवी से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल सितंबर में ही खुल गए थे।

कई निजी स्कूल हालांकि दिवाली के बाद स्कूल परिसर में कक्षाएं शुरू करेंगे।

स्कूलों के सोमवार को खुलने पर छात्र मास्क पहने नजर आए। स्कूल में प्रवेश तथा निकास के समय उचित दूरी बनाए रखने के लिए स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं और छात्रों की ‘थर्मल’ जांच की जा रही है ।

इस बीच, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर में राजकीय सर्वोदय विद्यालय पहुंचे और छात्रों के साथ बातचीत की।

सिसोदिया ने कहा, ‘‘ आखिरकार स्कूल वापस आने का समय आ गया है। लगभग डेढ़ साल बाद, बच्चे स्कूल वापस लौट आए। बच्चों को कक्षाओं में हंसते और मस्ती करते देखना काफी भावुक क्षण था। हम सभी छात्रों का स्कूल में स्वागत करते हैं।’’

सिसोदिया ने, स्कूल में प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के साथ समय बिताया, जहां एक छात्र उनके चिकित्सक बने और शिक्षा मंत्री ने एक मरीज की भूमिका निभाई।

उप मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए मजाकिया अंदाज में लिखा, ‘‘ स्कूल की कक्षा में इस खास चिकित्सक से मिला। पूरे शरीर की जांच कराई, इंजेक्शन और दवा भी ली... मुझे आइसक्रीम ना खाने की सलाह दी गई है...।’’

लाजपत नगर स्थित सरकारी को-एड सीनियर सेकेंडरी स्कूल के आठवीं के एक छात्र ने कहा, ‘‘ मैं स्कूल लौट कर खुश हूं। दो साल बाद स्कूल आकर अच्छा लग रहा है। ऑनलाइन कक्षाएं अच्छी थीं, लेकिन परिसर में कक्षाएं होने से हम हमारे सभी संदेह उसी समय दूर कर सकते हैं।’’

अन्य एक छात्र ने कहा कि कोविड-19 के समय भी उनके शिक्षकों ने उन्हें पूरे मन से पढ़ाया, लेकिन ‘‘अब हम कोई भी शंका निजी तौर पर उनसे बात कर दूर कर सकते हैं।’’

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि एक नवंबर से स्कूल परिसर में कक्षाएं फिर से शुरू होंगी, कक्षाएं ऑनलाइन तथा ऑफलाइन यानी परिसर में, दोनों प्रकार से चलेंगी। डीडीएमए ने यह भी कहा था कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक समय में एक कक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक छात्र न हों और किसी भी छात्र को परिसर में आने के लिए मजबूर न किया जाए।

कोविड-19 के मामले कम होने के मद्देनजर सितंबर में नौवीं से 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गये थे। हालांकि, मार्च 2020 के बाद से पहली बार आठवीं तक के छात्रों के लिए कक्षाएं स्कूल परिसर में हो रही हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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