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नोएडा हवाई अड्डे के पहले चरण के लिए एसबीआई देगा 3,725 करोड़ रुपये का कर्ज

By भाषा | Updated: August 10, 2021 21:15 IST

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नोएडा, 10 अगस्त जेवर में प्रस्तावित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) 3,725 करोड़ रुपये का ऋण देगा। इस संबंध में मंगलवार को एसबीआई ,नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल)ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

समझौते के तहत परियोजना पूरी होने के एक साल बाद कर्ज चुकाने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह कर्ज 20 साल की अवधि में चुकाने की योजना है।

उल्लेखनीय है कि एसबीआई द्वारा जेवर हवाई अड्डे के लिए 3,725 करोड़ रुपये का कर्ज किसी भारतीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए अब तक का सबसे बड़ा वित्तपोषण है। परियोजना को 65:35 के अनुपातिक आधार पर ऋण-इक्विटी वित्त पोषित किया जा रहा है।

ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी वाईआईएपीएल मुख्य शेयरधारक है और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास में इक्विटी के रूप में 2005 करोड़ का निवेश कर रही है।

यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा, “हमें नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास के लिए एसबीआई और एनआईएएल के साथ वित्तपोषण समझौतों पर हस्ताक्षर करने की खुशी है। अब हम एनआईएएल और एसबीआई सहित अपने भागीदारों के साथ घनिष्ठ सहयोग में हवाई अड्डे के विकास की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह साझेदारी उत्तर प्रदेश राज्य में आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देगी। भारतीय विमानन की विकास गाथा को मजबूत करेगी।’’

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.अरुण वीर सिंह ने कहा, “हम वित्तीय उपलब्धि से प्रसन्न हैं, जो परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह वित्तपोषण हमारी टीम को हवाई अड्डे के विकास के लिए निर्माण कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाएगा। हम सभी भारत के अग्रणी हवाई अड्डे के निर्माण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जो गुणवत्ता, दक्षता, प्रौद्योगिकी और स्थिरता का दावा करेगा। हम विश्व स्तरीय विमानन बुनियादी ढांचे के सह-निर्माण के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

यह हवाई अड्डा अक्षय ऊर्जा का उपयोग करेगा। प्रभावी तरीके से बुनियादी ढांचे का निर्माण करके एयरलाइंस और यात्रियों के लिए हवाई यात्रा को और अधिक किफायती बनाने का प्रयास है। एनआईए को भारत का पहला शून्य उत्सर्जन हवाई अड्डा बनने की परिकल्पना की गई है। इस हवाई अड्डे को 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाने का प्रस्ताव है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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