लाइव न्यूज़ :

संतों ने कुंभ को कोविड-19 के मामलों में वृद्धि से जोड़े जाने की निंदा की

By भाषा | Updated: May 19, 2021 21:03 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 19 मई अनेक हिंदू संतों ने हरिद्वार में हाल ही में आयोजित कुंभ मेले को कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी से जोड़ने के प्रयासों की बुधवार को आलोचना की और कहा कि यह जनता के विश्वास और परंपराओं का अपमान है।

उन्होंने यह दावा भी किया कि उत्तराखंड में कुंभ के समय संक्रमण के मामलों में अधिक बढ़ोतरी नहीं देखी गयी।

संतों ने किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया, लेकिन एक दिन पहले ही भाजपा ने कांग्रेस पर महामारी की दूसरी लहर को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधने और कुंभ आयोजन के फैसले को संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी से जोड़ने के लिए ‘टूलकिट’ तैयार करने का आरोप लगाया था।

कांग्रेस ने आरोपों को खारिज कर दिया और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं पर फर्जी दस्तावेज पेश करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि कुंभ भारत के मूल्यों, संस्कृति और उसकी संवेदनाओं को प्रतिबिंबित करता है और इसे कोविड-19 के मामलों में इजाफे से जोड़ने का प्रयास इन मूल्यों पर हमले के समान है।

उन्होंने कहा कि यह लोगों की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।

योगगुरू रामदेव ने एक संदेश में कहा, ‘‘यह टूलकिट बनाकर कुंभ मेला को और प्राचीन हिंदू धर्म को अपमानित करने का बड़ा षड्यंत्र है। यह बड़ा अपराध है। उन्हें 100 करोड़ से अधिक लोगों का अपमान करना बंद कर देना चाहिए तथा लोगों को इस तरह की हिंदू-विरोधी, भारत-विरोधी ताकतों का बहिष्कार और विरोध करना चाहिए।’’

स्वामी अवधेशानंद ने दावा किया कि आंकड़े दर्शाते हैं कि उत्तराखंड में कुंभ के आयोजन के दौरान कोविड-19 के मामलों में इजाफा नहीं हुआ, जबकि दूसरे राज्यों में संख्या बढ़ गयी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह पर कुंभ को प्रतीक स्वरूप आयोजित किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम संत कुंभ के खिलाफ इस दुष्प्रचार अभियान की पुरजोर निंदा करते हैं। इस तरह की राजनीति करना सही नहीं है।’’

एक और संत स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग कुंभ को महामारी के मामलों में वृद्धि से जोड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आम तौर पर कुंभ में करोड़ों लोग शामिल होते हैं लेकिन इस बार लाखों की संख्या में भी लोग नहीं आए और पूरा आयोजन व्यापक रूप से प्रतीकात्मक रहा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटKKR vs LSG: मुकुल चौधरी ने छीनी केकेआर से जीत, पहली IPL फिफ्टी जड़कर एलएसजी को 3 विकेट से जिताया मैच

क्रिकेटKKR vs LSG: मुकुल चौधरी की शानदार हीरोइक्स ने रोमांचक आखिरी ओवर के मुकाबले में KKR से मैच छीनी

भारतगुजरात की पार्षद ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में शामिल हुईं, फिर कुछ ही घंटों में ही कर ली 'घर वापसी'

भारतAssembly Elections 2026: असम में 85.65% में मतदाताओं की भागीदारी, केरल में 78.24%, तो पुडुचेरी में 89.08% रही वोटिंग

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

भारत अधिक खबरें

भारतपरिसीमन 2026: ‘I-YUVA फॉर्मूला’ के साथ संतुलित लोकतंत्र की नई दिशा

भारतAssembly Elections 2026: असम में 84.42% मतदान दर्ज, केरल, पुडुचेरी में जानें शाम 5 बजे तक मतदान का रुझान

भारतKerala Elections 2026: केरलम में 140 सीटों पर मतदान संपन्न, शाम 5 बजे तक 75% वोटिंग

भारतपिता अजीत पवार की गुलाबी जैकेट पहनकर पार्थ पवार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली, वीडियो

भारतVIDEO: 'क्या आपकी लैंग्वेज अनपार्लियामेंट हो गई है?' ये सवाल पूछे जाने पर हिमंत बिस्वा सरमा ने 'लल्लनटॉप' के रिपोर्टर को झाड़ा, दोनों के बीच हुई बहस