RSS Dussehra Rally: मोहन भागवत ने कहा, भारत के ‘हिंदू राष्ट्र’ होने को लेकर संघ अडिग

By रामदीप मिश्रा | Updated: October 8, 2019 16:34 IST2019-10-08T09:39:00+5:302019-10-08T16:34:51+5:30

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RSS Dussehra Rally: मोहन भागवत ने कहा, भारत के ‘हिंदू राष्ट्र’ होने को लेकर संघ अडिग

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि संघ अपने इस नजरिये पर अडिग है कि “भारत एक हिंदू राष्ट्र” है। नागपुर के रेशमीबाग में संघ के विजयदशमी उत्सव के दौरान अपने संबोधन में सरसंघचालक ने ‘शस्त्र पूजा’ की। इस मौके पर एचसीएल के संस्थापक शिव नाडर मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी मौजूद थे।

08 Oct, 19 : 04:33 PM

भारत के ‘हिंदू राष्ट्र’ होने को लेकर संघ अडिग

मोहन भागवत ने कहा कि संघ अपने इस नजरिये पर अडिग है कि “भारत एक हिंदू राष्ट्र” है। नागपुर के रेशमीबाग में संघ के विजयदशमी उत्सव के दौरान अपने संबोधन में सरसंघचालक ने कहा कि राष्ट्र के वैभव और शांति के लिये काम कर रहे सभी भारतीय “हिंदू” हैं। उन्होंने कहा, “संघ की अपने राष्ट्र की पहचान के बारे में, हम सबकी सामूहिक पहचान के बारे में, हमारे देश के स्वभाव की पहचान के बारे में स्पष्ट दृष्टि व घोषणा है, वह सुविचारित व अडिग है, कि भारत हिंदुस्तान, हिंदू राष्ट्र है।” भागवत ने कहा, “जो भारत के हैं, जो भारतीय पूर्वजों के वंशज हैं तथा सभी विविधताओं का स्वीकार, सम्मान व स्वागत करते हुए आपस में मिलजुल कर देश का वैभव तथा मानवता में शांति बढ़ाने का काम करने में जुट जाते हैं वे सभी भारतीय हिंदू हैं।”

08 Oct, 19 : 10:45 AM

मोहन भागवत ने कहा कि संघ सम्पूर्ण हिन्दू समाज को ऐसा बलसम्पन्न तथा सुशील व सद्भावी बनाएगा, जो किसी से न डरेंगे, न किसी को डरायेंगे, बल्कि दुर्बल व भयग्रस्त लोगों की रक्षा करेंगे।

08 Oct, 19 : 10:45 AM

मोहन भागवत ने कहा कि संघ की अपने राष्ट्र के पहचान के बारे में, हम सबकी सामूहिक पहचान के बारे में, हमारे देश के स्वभाव की पहचान के बारे में स्पष्ट दृष्टि व घोषणा है, वह सुविचारित व अडिग है, कि भारत हिंदुस्थान, हिंदू राष्ट्र है। संघ की दृष्टि में हिंदू शब्द केवल अपने आप को हिंदू कहने वालों केलिए नहीं है। जो भारत के हैं, भारतीय पूर्वजों के वंशज है तथा सभी विविधताओं का स्वीकार सम्मान व स्वागत करते हुए आपस में मिलजुल कर देशका वैभव तथा मानवता में शांति बढ़ाने का काम करने में जुट जाते हैं वे सभी भारतीय हिंदूहैं

08 Oct, 19 : 10:21 AM

उन्होंने कहा कि स्वभाषा, स्वभूषा, स्वसंस्कृति का सम्यक् परिचय और उसके बारे में गौरव प्रदान करने वाली कालसुसंगत, तर्कशुद्ध सत्यनिष्ठा, कर्तव्य बोध और विश्व के प्रति आत्मीय दृष्टिकोण व जीवों के प्रति करुणा की भावना देने वाली शिक्षा पद्धति हमको चाहिए। पाठ्यक्रम से लेकर तो शिक्षकों के प्रशिक्षण तक सब बातों में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता लगती है। केवल ढांचागत परिवर्तनों से काम बनने वाला नहीं है।

08 Oct, 19 : 10:21 AM

भागवत ने कहा कि दैनन्दिन जीवन में देशभक्ति की अभिव्यक्ति को ही स्व. दत्तोपंत ठेंगड़ी “स्वदेशी” मानते थे। स्व. विनोबाजी भावे ने उसका अर्थ “स्वावलंबन तथा अहिंसा” यह किया है। सभी मानकों में स्वनिर्भरता तथा देश में सबको रोजगार ऐसी शक्ति रखने वाले ही अन्तर्राष्ट्रीय व्यापारिक संबंध बना सकते हैं, बढ़ा सकते हैं तथा स्वयं सुरक्षित रहकर विश्वमानवता को भी एक सुरक्षित व निरामय भविष्य दे सकते हैं। 

08 Oct, 19 : 10:14 AM

मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश में लिंचिंग की आड़ में षड्यंत्र चल रहा है।

08 Oct, 19 : 10:06 AM

मोहन भागवत ने कहा कि कुछ बातों का निर्णय न्यायालय से ही होना पड़ता है। निर्णय कुछ भी हो आपस के सद्भाव को किसी भी बात से ठेस ना पहुंचे ऐसी वाणी और कृति सभी जिम्मेदार नागरिकों की होनी चाहिए। यह जिम्मेवारी किसी एक समूह की नहीं है। यह सभी की जिम्मेवारी है। सभी ने उसका पालन करना चाहिए।

08 Oct, 19 : 10:03 AM

यहां सुने मोहन भागवत का पूरा भाषण

08 Oct, 19 : 09:59 AM

भागवत ने कहा कि कानून और व्यवस्था की सीमा का उल्लंघन कर हिंसा की प्रवृत्ति समाज में परस्पर संबंधों को नष्ट कर अपना प्रताप दिखाती है। यह प्रवृत्ति हमारे देश की परंपरा नहीं है, न ही हमारे संविधान में यह बैठती है। कितना भी मतभेद हो, कानून और संविधान की मर्यादा के अंदर ही, न्याय व्यवस्था में चलना पड़ेगा।

08 Oct, 19 : 09:52 AM

भागवत ने कहा कि गत कुछ वर्षों में एक परिवर्तन भारत की सोच की दिशा में आया है।उसको न चाहने वाले व्यक्ति दुनिया में भीहै और भारत में भी।भारत को बढ़ता हुआ देखना जिनके स्वार्थों के लिए भय पैदा करता है,ऐसी शक्तियां भी भारत को दृढ़ता व शक्ति से संपन्न होने नहीं देना चाहती। समाज के विभिन्न वर्गों को आपस में सद्भावना, संवाद तथा सहयोग बढ़ाने के प्रयास में प्रयासरत होना चाहिए। समाज के सभी वर्गों का सद्भाव, समरसता व सहयोग तथा कानून संविधान की मर्यादा में ही अपने मतों की अभिव्यक्ति यह आज की स्थिति में नितांत आवश्यक बात है।

08 Oct, 19 : 09:50 AM

मोहन भागवत ने कहा कि सुखद वातावरण में अलसा कर हम अपनी सजगता व अपनी तत्परता को भुला दें,सब कुछ शासन पर छोड़ कर,निष्क्रिय होकर विलासिता व स्वार्थों में मग्न हो ऐसा समय नहीं है।जिस दिशा में हम लोगों ने चलना प्रारंभ किया है,वह अपना अंतिम लक्ष्य-परमवैभव संपन्न भारत-अभी दूर है। मार्ग के रोड़े, बाधाएं और हमें रोकने की इच्छा रखने वाली शक्तियों के कारनामे अभी समाप्त नहीं हुए हैं। हमारे सामने कुछ संकट हैं जिनका उपाय हमें करना है। कुछ प्रश्न है जिनके उत्तर हमें देने हैं, और कुछ समस्याएं हैं जिनका निदान कर हमें उन्हें सुलझाना है।  

08 Oct, 19 : 09:50 AM

उन्होने कहा कि सौभाग्य से हमारे देश के सुरक्षा सामर्थ्य की स्थिति, हमारे सेना की तैयारी, हमारे शासन की सुरक्षा नीति तथा हमारे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कुशलता की स्थिति इस प्रकार की बनी है कि इस मामले में हम लोग सजग और आश्वस्त हैं। हमारी स्थल सीमा तथा जल सीमाओं पर सुरक्षा सतर्कता पहले से अच्छीहै।केवल स्थल सीमापर रक्षक व चौकियों की संख्या व जल सीमापर(द्वीपों वाले टापुओं की)निगरानी अधिक बढ़ानी पड़ेगी।देश के अन्दर भी उग्रवादी हिंसा में कमी आयीहै।उग्रवादियों के आत्मसमर्पण की संख्या भी बढ़ीहै।

08 Oct, 19 : 09:49 AM

भागवत ने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने अब तक चंद्रमा के अनछुए प्रदेश,उसके दक्षिण ध्रुव पर अपना चांद्रयान ‘विक्रम’ उतारा।यद्यपि अपेक्षा के अनुरूप पूर्ण सफलता ना मिली,परंतु पहले ही प्रयास में इतना कुछ कर पाना यह भी सारी दुनिया को अबतक साध्य न हुई एक बात थी। हमारे देश की बौद्धिक प्रतिभा व वैज्ञानिकता का तथा संकल्प को परिश्रमपूर्वक पूर्ण करने की लगन का सम्मान हमारे वैज्ञानिकों के इस पराक्रम के कारण दुनिया में सर्वत्र बढ़ गया है।

08 Oct, 19 : 09:49 AM

उन्होंने कहा कि उसके लिए देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सहित शासक दल तथा इस जन भावना का संसद में समर्थन करने वाले अन्य दल भी अभिनंदन के पात्र हैं। यह कदम अपनी पूर्णता तब प्राप्त कर लेगा, जब 370 के प्रभाव में न हो सके न्याय्य कार्य सम्पन्न होंगे तथा उसी प्रभाव के कारण चलते आये अन्यायों की समाप्ति होगी।

08 Oct, 19 : 09:48 AM

भागवत ने कहा कि भारत में प्रजातंत्र,विदेशों से आयातित नई बात नहीं है,बल्कि देश के जनमानस में सदियों से चलती आई परंपरा तथा स्वातंत्र्योत्तर कालमें प्राप्त हुआ अनुभव व प्रबोधन,इनके परिणामस्वरूप प्रजातंत्र में रहना व प्रजातंत्र को सफलतापूर्वक चलाना यह समाजका मन बन गयाहै।

08 Oct, 19 : 09:48 AM

मोहन भागवत ने कहा कि नई सरकार को बढ़ी हुई संख्या में फिर से चुनकर लाकर समाज ने उनके पिछले कार्यों की सम्मति व आने वाले समय के लिए बहुत सारी अपेक्षाओं को व्यक्त किया था। जन अपेक्षाओं को प्रत्यक्ष में साकार कर, जन भावनाओं का सम्मान करते हुए, देशहित में उनकी इच्छाएँ पूर्ण करने का साहस दोबारा चुने हुए शासन में है। धारा 370 को अप्रभावी बनाने के सरकार के काम से यह बात सिद्ध हुई है।

08 Oct, 19 : 09:47 AM

संघ के विजयादशमी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि महंत देवेन्द्र दास, गुरु रामराय जगद्गुरु, श्याम शरण देवाचार्य - निंबार्क तीर्थ, अजमेर, पूज्य बबई दा, सत्संग आश्रम देवघर, श्री बाबा कल्याणी, भारत फोर्स के अध्यक्ष -पुणे श्री जी.डी. गोपाल, उद्यमी शामिल हुए हैं।  

08 Oct, 19 : 09:46 AM

मोहन भागवत ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर कहा कि राज्यसभा और लोकसभा में कई दलों ने इस मुद्दे को समर्थन दिया। सरकार ने बहुत प्रशंसनीय कदम उठाया है। 

08 Oct, 19 : 09:42 AM

मोहन भागवत ने स्वयं सेवकों संबोधित करते हुए पीएम मोदी की तारीफ की है और उन्होंने कहा कि वह साहसिक फैसले लेते हैं।

08 Oct, 19 : 09:39 AM

मोहनजी भागवत ने किया शस्त्र पूजन

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