RLMO MLA स्नेलता ने उठाया जीविका दीदियों के लिए ड्रेस कोड और आई कार्ड का मुद्दा, मंत्री के जवाब से नहीं दिखीं संतुष्ट

By एस पी सिन्हा | Updated: February 11, 2026 15:18 IST2026-02-11T15:17:51+5:302026-02-11T15:18:46+5:30

Bihar:  उनका जोर इस बात पर था कि यदि सरकार ड्रेस कोड और पहचान पत्र सुनिश्चित करती है तो न सिर्फ उनकी पहचान मजबूत होगी, बल्कि उनके काम की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी और फील्ड पर काम करना आसान होगा।

RLMO MLA Snelata raised the issue of dress code and ID cards for Jeevika Didi she was not satisfied with the minister response | RLMO MLA स्नेलता ने उठाया जीविका दीदियों के लिए ड्रेस कोड और आई कार्ड का मुद्दा, मंत्री के जवाब से नहीं दिखीं संतुष्ट

RLMO MLA स्नेलता ने उठाया जीविका दीदियों के लिए ड्रेस कोड और आई कार्ड का मुद्दा, मंत्री के जवाब से नहीं दिखीं संतुष्ट

Bihar:  बिहार विधानसभा के बजट सत्र के आज सातवें दिन सदन में प्रश्नकाल के दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) विधायक स्नेलता ने जीविका दीदियों के अधिकार और पहचान को लेकर सरकार से सवाल किया। उन्होंने सदन में मांग की कि राज्यभर में काम कर रहीं जीविका दीदियों को एक निर्धारित ड्रेस कोड और आधिकारिक पहचान पत्र दिया जाए, ताकि उनकी स्पष्ट पहचान सुनिश्चित हो सके।

इसपर जवाब देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ड्रेस कोड लागू करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी, लेकिन उनके उत्तर ने नए सवाल खड़े कर दिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जीविका दीदियों की सुरक्षा को लेकर किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे महिलाओं को जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। लेकिन स्नेहलता ने अपने प्रश्न में कहा कि जीविका दीदियों को पहचान पत्र जारी किया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि गांव-गांव में काम करने वाली इन महिलाओं की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए।

वर्तमान में जीविका दीदियों से सरकारी कार्यालयों, पंचायतों और अन्य संस्थानों में उनके आधिकारिक पहचान पत्र मांगे जाते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में उन्हें आई कार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके चलते उन्हें प्रवेश से लेकर समन्वय तक कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

उनका जोर इस बात पर था कि यदि सरकार ड्रेस कोड और पहचान पत्र सुनिश्चित करती है तो न सिर्फ उनकी पहचान मजबूत होगी, बल्कि उनके काम की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी और फील्ड पर काम करना आसान होगा।

यह मुद्दा उस व्यापक व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है जिसमें जमीनी कार्यकर्ता जिम्मेदारियां तो निभाते हैं, लेकिन उन्हें औपचारिक मान्यता देने में प्रशासनिक ढिलाई दिखती है।

मंत्री का जवाब सुनकर स्नेहलता ने स्पष्ट किया कि उनका सवाल सुरक्षा नहीं, बल्कि पहचान पत्र निर्गत करने से जुड़ा है। इस पर सदन में हल्की नोकझोंक की स्थिति बन गई और मामला चर्चा का विषय बन गया।

Web Title: RLMO MLA Snelata raised the issue of dress code and ID cards for Jeevika Didi she was not satisfied with the minister response

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