बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर राजद सांसदों ने साधा एनडीए सरकार पर निशाना, कहा- आज की स्थिति ऐसी है कि हमलोग तो बस आहत लोग हैं
By एस पी सिन्हा | Updated: January 24, 2026 18:57 IST2026-01-24T18:56:57+5:302026-01-24T18:57:11+5:30
मनोज झा ने भाजपा सांसद राजीव प्रताप रुडी के बयानों पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल उठाए।

बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर राजद सांसदों ने साधा एनडीए सरकार पर निशाना, कहा- आज की स्थिति ऐसी है कि हमलोग तो बस आहत लोग हैं
पटना:बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर शनिवार को एनडीए सरकार पर राजद नेताओं ने जमकर हमला बोला है। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से रूबरू होते हुए राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा एवं संजय यादव ने बिहार की कानून व्यवस्था और नीट छात्रा मामले को लेकर केंद्र व राज्य सरकार को घेरा। मनोज झा ने भाजपा सांसद राजीव प्रताप रुडी के बयानों पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल उठाए। भाजपा सांसद राजीव प्रताप रुडी द्वारा तेजस्वी यादव के बिहार में रहने पर 'अपराध बढ़ने' वाले बयान पर मनोज झा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिनका नाम आप ले रहे हैं, उनसे इतनी फुहड़ टिप्पणी की मुझे कम से कम उम्मीद नहीं थी"।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लॉ एंड ऑर्डर के मसले पर लगातार आवाज उठाती रही है। मनोज झा ने याद दिलाया कि तेजस्वी यादव ने सरकार बनने के बाद कहा था कि वे 100 दिनों तक सरकार के काम को देखेंगे और फिर अपनी टिप्पणी करेंगे। लेकिन वर्तमान घटनाओं पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग पीड़ित बच्चियों और उनके परिवारों के दर्द को महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
मनोज झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे स्मरण है कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री जी कितनी बड़ी-बड़ी बातें करते थे। उनका ट्विटर हैंडल एक खिलाड़ी की उंगली में लगी चोट पर बोल उठता है, लेकिन आज इन गंभीर मसलों पर उनके बोल कहां हैं?"। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे अपने माइक प्रधानमंत्री के सामने रखें और उनसे जवाब मांगें। अपनी बात समाप्त करते हुए झा ने बेहद भावुक लहजे में कहा कि आज की स्थिति ऐसी है कि "हम तो बस आहत लोग हैं"।
उन्होंने जोर देकर कहा कि असल जवाबदेही सरकार की है और उसे जनता के सवालों का सामना करना चाहिए। वहीं, संजय यादव ने विशेष रूप से मुजफ्फरपुर में नीट छात्रा को जलाकर मारे जाने की जघन्य घटना का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। मीडिया से बातचीत के दौरान बिहार की वर्तमान कानून-व्यवस्था को बेहद चिंताजनक करार देते हुए उन्होंने मुजफ्फरपुर में नीट छात्रा को जिंदा जला देने की घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में जिस तरह से सरेआम अपराध हो रहे हैं, वह शासन के इकबाल पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
संजय यादव ने पिछले 20 वर्षों के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि एनडीए के शासनकाल में बिहार में 70 हजार से अधिक हत्याएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय दिल्ली से आने वाले नेता 'जंगलराज' की कोरी कल्पना वाली कहानियां सुनाकर लोगों को डराते हैं, जबकि हकीकत में अपराध का ग्राफ उन्हीं की सरकार में सबसे ऊपर रहा है। संजय यादव ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो तंत्र चुनाव प्रबंधन और वोट खरीदने के लिए 41 हजार करोड़ रुपये बांट सकता है, वह अपराध प्रबंधन में पूरी तरह विफल क्यों है?
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार के पुलिस थानों में आज भी पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। लेकिन चुनाव के समय सरकार करोड़ों रुपये का विज्ञापन और प्रबंधन करने में पीछे नहीं रहती। बिहार में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए संजय यादव ने कहा कि हमारी माताओं, बहनों और बेटियों के साथ यौन शोषण और सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही हैं। लेकिन पुलिस का 'दोष सिद्धि दर' निराशाजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर किसी अपराधी की गिरफ्तारी होती भी है, तो वह दो महीने में जमानत पर बाहर आकर फिर से वारदातों को अंजाम देने लगता है। संजय यादव ने सरकार को 'जंगलराज' का थोथा राग अलापना बंद कर धरातल पर काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जो लोग बिहार को बदनाम कर निवेश को दूर भगा रहे हैं, उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह सत्ता के अहंकार से बाहर निकले और आम जनता को सुरक्षित माहौल देने के लिए विधि-व्यवस्था पर गंभीरता से काम करे।