Bihar Budget Session: RJD पार्षदों ने “मुख्यमंत्री होश में आओ-होश में आओ” का नारा लगाए, राबड़ी देवी के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
By एस पी सिन्हा | Updated: February 11, 2026 15:23 IST2026-02-11T15:22:58+5:302026-02-11T15:23:03+5:30
Bihar Budget Session: विपक्ष का आरोप है कि मंत्री परिषद के सदस्य अपनी शक्ति के नशे में चूर होकर विपक्षी विधायकों को अपमानित कर रहे हैं।

Bihar Budget Session: RJD पार्षदों ने “मुख्यमंत्री होश में आओ-होश में आओ” का नारा लगाए, राबड़ी देवी के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
Bihar Budget Session:बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के सातवें दिन बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के नेतृत्व में राजद विधान पार्षदों ने परिषद पोर्टिको में नीतीश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सदस्यों ने पोर्टिको में खड़े होकर जमकर नारेबाजी की और सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। राजद सदस्यों के हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर थे, जिन पर तीखे संदेश लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान “मुख्यमंत्री होश में आओ-होश में आओ”, “विधायकों को धमकाना बंद करो” और “भ्रष्टाचारियों की सरकार होश में आओ” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
राबड़ी देवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नीतीश कुमार की सरकार सदन की मर्यादा भूल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अब बहस करने के बजाय विपक्ष के सदस्यों को डराने और धमकाने पर उतर आए हैं। इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह हाल ही में विधान परिषद के भीतर हुई वह तीखी नोकझोंक है, जिसने पूरे बिहार में सियासी भूचाल ला दिया है। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी को संबोधित करते हुए ‘लड़की’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
राजद ने इसे न केवल राबड़ी देवी का अपमान बताया, बल्कि इसे बिहार की तमाम महिलाओं का अपमान करार दिया। इस मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अब बुजुर्ग हो गए हैं और अपनी भाषा पर नियंत्रण खो चुके हैं।
सदन के भीतर का माहौल केवल मुख्यमंत्री की टिप्पणियों तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ दिनों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त तल्खी देखी जा रही है। मंगलवार को ही विधान परिषद में राजद के सुनील कुमार और नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी के बीच मर्यादा की सारी सीमाएं टूट गईं। सूत्रों के अनुसार, बहस इतनी बढ़ गई कि सदन के भीतर ही दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज तक की नौबत आ गई।
विपक्ष का आरोप है कि मंत्री परिषद के सदस्य अपनी शक्ति के नशे में चूर होकर विपक्षी विधायकों को अपमानित कर रहे हैं। इस सप्ताह सोमवार से ही विधान परिषद में काफी तीखी बहसबाजी होते दिखी है। यहां तक कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच काफी तल्खी देखि गई। अब इसी को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले प्रदर्शन किया।